जिला उद्योग केंद्र, साहिबगंज में पीएमएफएमई जागरूकता शिविर आयोजित।
फूड प्रोसेसिंग उद्योग को बढ़ावा देने हेतु सरकार दे रही 35 प्रतिशत तक अनुदान।

साहिबगंज। जिला उद्योग केंद्र, साहिबगंज के सभागार में रैंप योजना अंतर्गत “थीमैटिक कैंप ऑन पीएमएफएमई” के तहत एक दिवसीय जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं, उद्यमियों एवं स्वरोजगार से जुड़े लोगों को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) से जोड़ते हुए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में उद्योग स्थापना एवं स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना था।
शिविर में उपस्थित प्रतिभागियों को उद्यम पंजीकरण (Udyam Registration), पीएमएफएमई योजना के तहत मिलने वाले लाभ, आवेदन प्रक्रिया, बैंकिंग सहायता, वित्तीय अनुदान एवं स्वरोजगार के अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में स्थानीय उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर रोजगार एवं आय के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
इस अवसर पर जिला उद्योग केंद्र, साहिबगंज के ईओडीबी प्रबंधक चन्द्रशेखर शर्मा ने कहा कि पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत फूड प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना पर सरकार द्वारा 35 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण एवं स्थानीय स्तर पर सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा देने, युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा रोजगार सृजन की दिशा में अत्यंत प्रभावी पहल साबित हो रही है।

उन्होंने जिले के अधिक से अधिक युवाओं, महिलाओं एवं उद्यमियों से योजना का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि स्थानीय संसाधनों पर आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग भविष्य में रोजगार का बड़ा माध्यम बन सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान ऑन-द-स्पॉट विभिन्न सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। शिविर में कुल 29 पीएमएफएमई ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन किए गए, जबकि 02 मामलों को डीआरपी से डीएनओ स्तर तक अग्रसारित किया गया। इसके अतिरिक्त 21 नए पीएमएफएमई आवेदन भी प्राप्त हुए।
शिविर में कुल 63 प्रतिभागियों ने भाग लिया और योजना से संबंधित विभिन्न जानकारियां प्राप्त कीं।

कार्यक्रम में जिला अग्रणी प्रबंधक, जिला उद्यमी समन्वयक देवव्रत कुमार तथा मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्योग विकास बोर्ड, साहिबगंज के सभी प्रखंड उद्यमी समन्वयक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने प्रतिभागियों को योजनाओं का लाभ लेकर स्वरोजगार अपनाने तथा स्थानीय स्तर पर उद्योग स्थापित करने के लिए प्रेरित किया।




