RAMP कार्यक्रम के तहत साहिबगंज में GST आधारित उद्यमिता शिविर आयोजित, MSME को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर।
विश्व बैंक समर्थित पहल के अंतर्गत उद्यमियों को GST, पंजीकरण व सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी, ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन से बढ़ी भागीदारी।

साहिबगंज। झारखंड सरकार के उद्योग विभाग एवं झारखंड औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम (JIIDCO) के संयुक्त तत्वावधान में विश्व बैंक समर्थित RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) कार्यक्रम के तहत साहिबगंज में आज GST थीम पर आधारित एक दिवसीय उद्यमिता शिविर का सफल आयोजन किया गया।
इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जिले के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ना, उन्हें वस्तु एवं सेवा कर (GST) प्रणाली की विस्तृत जानकारी प्रदान करना तथा उद्यम पंजीकरण प्रक्रिया को सरल एवं सुलभ बनाना था। कार्यक्रम में उद्यमियों को जागरूक कर उन्हें आत्मनिर्भर एवं प्रतिस्पर्धी बनाने पर विशेष बल दिया गया।

शिविर के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों को ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे कई नए उद्यमियों ने तत्काल अपने व्यवसाय को औपचारिक रूप से पंजीकृत कराया। इस पहल से जिले में औपचारिक MSME इकाइयों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना व्यक्त की गई।
कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों ने उद्यमियों को GST पंजीकरण, रिटर्न फाइलिंग, कर अनुपालन, डिजिटल लेन-देन तथा व्यवसाय विस्तार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां विस्तारपूर्वक दीं। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं प्रोत्साहनों की जानकारी देकर उद्यमियों को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर रमाकांत चतुर्वेदी महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, साहिबगंज, सत्यम कुमार राज्य कर पदाधिकारी, चन्द्रशेखर शर्मा EoDB प्रबंधक, राजेश अग्रवाल अध्यक्ष, ईस्टर्न चैम्बर ऑफ कॉमर्स, रितेश पोद्दार चार्टर्ड अकाउंटेंट तथा देवव्रत कुमार जिला उद्यमी समन्वयक, मुख्यमंत्री लघु कुटीर एवं उद्यम विकास बोर्ड सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं स्थानीय उद्यमी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में उद्यमियों से अपील की गई कि वे सरकार की विभिन्न योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाकर अपने व्यवसाय को सुदृढ़ करें। साथ ही भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता एवं पंजीकरण शिविरों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि जिले में उद्यमिता को और अधिक प्रोत्साहन मिल सके।




