विशेष रक्तदान अभियान की तैयारियों की उपायुक्त ने की समीक्षा।
18, 24 एवं 28 सितंबर को पाकुड़ ब्लड बैंक में लगेगा विशेष रक्तदान शिविर, सभी विभागों एवं संस्थानों को दिया गया लक्ष्य।

पाकुड़। जिले में रक्त की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले विशेष रक्तदान अभियान की तैयारियों को लेकर बुधवार को उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी 18, 24 एवं 28 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले विशेष रक्तदान शिविर को सफल बनाने को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले में स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने, अधिक से अधिक रक्तदाताओं की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा रक्त की उपलब्धता को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रक्त की आवश्यकता किसी भी व्यक्ति को अचानक पड़ सकती है। ऐसे में पर्याप्त रक्त भंडार बनाए रखना बेहद जरूरी है।
विशेष रक्तदान अभियान के तहत जिले के विभिन्न संबंधित विभागों एवं संस्थानों को रक्तदान के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने विभाग एवं संस्थान के स्तर पर कर्मचारियों, अधिकारियों एवं अन्य लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करने तथा निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने का निर्देश दिया।उन्होंने कहा कि रक्तदान अभियान केवल स्वास्थ्य विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे जनभागीदारी का अभियान बनाया जाना आवश्यक है। इसके लिए सरकारी विभागों के साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, व्यवसायिक संगठनों एवं आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
जिला स्वास्थ्य समिति, पाकुड़ के तत्वावधान में 18, 24 एवं 28 सितंबर 2026 को ब्लड बैंक, पाकुड़ में विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक स्वस्थ एवं इच्छुक लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया जाएगा।उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को शिविर के सफल आयोजन के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने, संभावित रक्तदाताओं से संपर्क स्थापित करने तथा आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों, थैलेसीमिया से पीड़ित मरीजों, एनीमिया से ग्रसित मरीजों तथा विभिन्न गंभीर चिकित्सकीय परिस्थितियों में मरीजों को तत्काल रक्त की आवश्यकता पड़ती है। ऐसी स्थिति में समय पर रक्त उपलब्ध होना कई बार बेहद महत्वपूर्ण साबित होता है।उन्होंने कहा कि रक्त किसी कारखाने में तैयार नहीं किया जा सकता। इसकी उपलब्धता पूरी तरह स्वैच्छिक रक्तदाताओं पर निर्भर करती है। इसलिए स्वस्थ लोगों को नियमित अंतराल पर स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। एक व्यक्ति का रक्तदान किसी जरूरतमंद मरीज के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है।
उपायुक्त ने चैंबर ऑफ कॉमर्स, स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, विभिन्न संस्थाओं एवं आम नागरिकों से विशेष रक्तदान अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिले में रक्त की आवश्यकता को देखते हुए सभी वर्गों को सामूहिक जिम्मेदारी के साथ इस अभियान को सफल बनाने में योगदान देना चाहिए।उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को व्यापक रूप देने तथा अधिक से अधिक लोगों तक रक्तदान का संदेश पहुंचाने का निर्देश दिया।
बैठक में उपायुक्त ने यह भी कहा कि विशेष रक्तदान अभियान में बेहतर कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। रक्तदान करने वाले लोगों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले रक्तदाताओं एवं संस्थाओं को सम्मानित भी किया जाएगा।उन्होंने कहा कि सम्मान का उद्देश्य रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ समाज के अन्य लोगों को भी स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करना है।
उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि “रक्तदान महादान है। आइए, हम सभी मिलकर इस पुनीत अभियान का हिस्सा बनें और किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने में अपना अमूल्य योगदान दें।”उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। जिले में आयोजित होने वाले विशेष रक्तदान शिविरों में अधिक से अधिक लोग भाग लेकर इस अभियान को सफल बनाएं और जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में अपना योगदान दें।


