जिला योजना कार्यकारिणी समिति की बैठक में विकास योजनाओं पर मंथन, जनहित में प्रस्तावित योजनाओं को मिली स्वीकृति।
उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, खेल, समाज कल्याण, पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों की योजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा।

पाकुड़। जिला योजना के तहत जिले में विकास कार्यों को गति देने और आमजनों की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं के चयन एवं क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में जिला योजना कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों एवं कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत विकास योजनाओं पर विभागवार एवं एजेंसीवार विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के बाद जनहित, स्थानीय आवश्यकताओं तथा प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित योजनाओं का चयन कर समिति द्वारा उनका अनुमोदन किया गया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जिला योजना के अंतर्गत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाना था। इस दौरान संबंधित विभागों एवं कार्यान्वयन एजेंसियों की ओर से प्रस्तुत योजनाओं की आवश्यकता, उपयोगिता, व्यवहारिकता एवं जनहित के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति के सदस्यों ने योजनाओं से होने वाले संभावित लाभ तथा संबंधित क्षेत्रों की वास्तविक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावों पर विचार किया।

बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, खेल, समाज कल्याण, पर्यटन, झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस), कल्याण सहित विभिन्न विभागों एवं क्षेत्रों से संबंधित योजनाओं को चर्चा में शामिल किया गया। संबंधित पदाधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रस्तावित योजनाओं के संबंध में आवश्यक जानकारी समिति के समक्ष रखी।
विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा के उपरांत समिति द्वारा आवश्यक योजनाओं का चयन किया गया तथा उन्हें पारित करते हुए आगे की प्रक्रिया के लिए अनुमोदित किया गया। अधिकारियों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक तैयारियों एवं विभागीय समन्वय से संबंधित बिंदुओं पर भी विचार-विमर्श किया।
उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि जिला योजना के माध्यम से जिले के विकास को गति देने के साथ-साथ आम लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के चयन एवं क्रियान्वयन में जनहित, स्थानीय आवश्यकता और प्राथमिकता को विशेष महत्व दिया जाए, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके।

उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल कार्यों को स्वीकृति देना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी है। इसलिए सभी संबंधित विभागों एवं कार्यान्वयन एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।
उपायुक्त ने स्वीकृत योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों एवं कार्यान्वयन एजेंसियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के कार्यान्वयन के दौरान निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए और विकास कार्यों को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। संबंधित विभाग आपस में बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्यों की प्रगति पर नजर रखें तथा आवश्यकतानुसार समय-समय पर समीक्षा करते रहें।
बैठक के दौरान जिला योजना के अंतर्गत प्रस्तावित विभिन्न विकास कार्यों से संबंधित अन्य आवश्यक बिंदुओं पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया, विभागीय समन्वय, प्राथमिकता वाले क्षेत्रों तथा आमजनों को मिलने वाले लाभ से जुड़े पहलुओं पर अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में उप विकास आयुक्त, परियोजना निदेशक, आईटीडीए, सिविल सर्जन, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला क्रीड़ा पदाधिकारी, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल तथा भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता समेत विभिन्न विभागों के संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।




