रक्तदान से बचाई जा सकती है किसी जरूरतमंद की जिंदगी : उपायुक्त।
पाकुड़ में विशेष स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित, 147 लोगों ने किया रक्तदान।

पाकुड़। जिला प्रशासन एवं जिला स्वास्थ्य समिति के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को रक्त अधिकोष, पाकुड़ सहित जिले के सभी प्रखंडों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्त अधिकोष, पाकुड़ में आयोजित मुख्य शिविर का शुभारंभ उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने दीप प्रज्वलित कर किया।
शिविर में पदाधिकारियों, कर्मचारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों तथा आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक स्वैच्छिक रक्तदान किया। मुख्य शिविर में कुल 147 लोगों ने रक्तदान कर मानव सेवा एवं सामाजिक दायित्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
इस अवसर पर उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि रक्तदान महादान है, क्योंकि इससे किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाई जा सकती है। उन्होंने स्वस्थ एवं योग्य लोगों से आगे आकर नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील की।

उपायुक्त ने कहा कि जिले में पर्याप्त रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। दुर्घटना, गंभीर बीमारी, प्रसव, थैलेसीमिया, एनीमिया सहित अन्य आपात परिस्थितियों में मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने के लिए रक्त अधिकोष में पर्याप्त रक्त इकाइयों का रहना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा अब जिला एवं प्रखंड स्तर पर नियमित रूप से रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक रक्त संग्रहित किया जा सके और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके।
रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं को उपायुक्त ने प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित एवं उत्साहित किया। उन्होंने रक्तदाताओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनका यह मानवीय प्रयास किसी जरूरतमंद के जीवन में नई उम्मीद ला सकता है।

शिविर में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी, समाजसेवी, इंसानियत फाउंडेशन के सदस्य तथा पुलिस पदाधिकारी एवं जवानों ने रक्तदान किया। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आमजनों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया।
जिला प्रशासन द्वारा सितंबर माह में 24 एवं 28 सितंबर को विशेष स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों का उद्देश्य जिले में पर्याप्त रक्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करना है।
रक्तदान केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद का जीवन बचाने की दिशा में किया गया अमूल्य योगदान है।




