समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की उपायुक्त ने की गहन समीक्षा, लंबित कार्यों में तेजी लाने का निर्देश।
आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत सुविधाएं दुरुस्त करने, लंबित भुगतान व आवेदनों के त्वरित निष्पादन पर जोर।

साहिबगंज। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी दीपक कुमार दूबे की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिला समाज कल्याण विभाग के कार्यों एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की सह-स्थापना, आधारभूत सुविधाओं, पोषण ट्रैकर के आंकड़ों, रिक्त पदों, मानदेय भुगतान सहित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना तथा सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने तथा योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक समय पर पहुंचाने का निर्देश दिया।
आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 1771 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें 88.93 प्रतिशत केंद्रों में स्थायी विद्युत कनेक्शन, 93.22 प्रतिशत में पेयजल सुविधा, 82.38 प्रतिशत में क्रियाशील शौचालय तथा 94.52 प्रतिशत केंद्रों में क्रियाशील रसोईघर उपलब्ध हैं।इसके अलावा जिले के 221 आंगनबाड़ी केंद्रों में वर्षा जल संचयन प्रणाली तथा 554 केंद्रों में पोषण वाटिका विकसित की गई है। उपायुक्त ने शेष आंगनबाड़ी केंद्रों में भी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों से कहा कि केंद्रों में बच्चों और लाभुकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए मूलभूत सुविधाओं की नियमित निगरानी की जाए।

किराये के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की समीक्षा के दौरान विभागीय प्रतिवेदन और पोषण ट्रैकर ऐप के आंकड़ों में अंतर पाया गया। प्रतिवेदन के अनुसार जिले में 568 किराये के भवन हैं, जबकि पोषण ट्रैकर ऐप में 569 भवन प्रदर्शित हो रहे हैं। उपायुक्त ने प्रखंडवार आंकड़ों का सत्यापन कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने तथा आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 15 सितंबर 2026 तक जिले के मासिक लक्ष्य 3,940 के विरुद्ध 4,760 लाभुकों का पंजीकरण किया जा चुका है। उपायुक्त ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए पात्र लाभुकों की पहचान कर उन्हें योजना का लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
PM JANMAN के तहत नव स्वीकृत आंगनबाड़ी केंद्रों में सेविका चयन की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि कुल 67 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 66 प्रस्तावों का अनुमोदन किया जा चुका है, जबकि एक प्रस्ताव लंबित है। उपायुक्त ने लंबित प्रस्ताव का शीघ्र निष्पादन करते हुए सेविका चयन की पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।

अतिरिक्त मानदेय भुगतान की समीक्षा के दौरान बताया गया कि सभी प्रखंडों से अगस्त 2026 की उपस्थिति विवरणी प्राप्त हो चुकी है। साहिबगंज, मंडरो, बरहेट, तालझारी एवं उधवा प्रखंडों में जून 2026 तक तथा बोरियो, बरहरवा, पतना एवं राजमहल में जुलाई 2026 तक का भुगतान किया जा चुका है।शेष भुगतान के लिए विपत्र तैयार कर कोषागार भेजे गए हैं अथवा तैयार किए जा रहे हैं। उपायुक्त ने लंबित भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाते हुए सभी पात्र कर्मियों का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की प्रगति की समीक्षा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल 516 लाभुकों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध अब तक 662 लाभुकों का चयन किया जा चुका है। उपायुक्त ने योजना के तहत पात्र लाभुकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत जिले में 30,000 लाभुकों को आच्छादित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध विभिन्न कक्षाओं तथा 18-19 वर्ष आयु वर्ग के कुल 4,470 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं, जबकि 3,881 आवेदन लंबित हैं।उपायुक्त ने लंबित आवेदनों का त्वरित निष्पादन करने तथा पात्र किशोरियों को योजना का लाभ उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रखंड स्तर पर नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
आंगनबाड़ी केंद्रों को विद्यालयों में सह-स्थापित करने की योजना की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि सर्वेक्षण के दौरान जिले में 390 विद्यालय चिह्नित किए गए हैं। इनमें 35 विद्यालयों में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए कमरे उपलब्ध पाए गए हैं।

उपायुक्त ने उपलब्ध कमरों की आवश्यक मरम्मत एवं अन्य जरूरी कार्रवाई करते हुए विद्यालयों में आंगनबाड़ी केंद्रों की सह-स्थापना की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य पूरा करने को कहा।
बैठक में पोषण ट्रैकर के अंतर्गत गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों के SAAMAR-CMAM कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। कार्यक्रम के तहत अपेक्षाकृत कम प्रगति पर उपायुक्त ने चिंता व्यक्त करते हुए कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान, उपचार एवं नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।उन्होंने कहा कि कुपोषण से प्रभावित बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार के लिए संबंधित विभागीय कर्मी पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें तथा बच्चों की स्थिति की लगातार निगरानी की जाए।
बैठक के दौरान उपायुक्त दीपक कुमार दूबे ने कहा कि समाज कल्याण विभाग की योजनाएं समाज के जरूरतमंद एवं कमजोर वर्गों के जीवन स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं। ऐसे में योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि पात्र लाभुक योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें। लंबित कार्यों एवं आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन करते हुए योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में परियोजना निदेशक, आईटीडीए-सह-प्रभारी जिला समाज कल्याण पदाधिकारी संजय कुमार दास, सभी प्रखंड बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिका सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।




