असम में झामुमो का बढ़ता प्रभाव: हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन की नीतियों से प्रभावित जनता।
राजमहल विधायक एमटी राजा बोले—अधिकार, सम्मान और समृद्धि की लड़ाई में झामुमो को मिल रहा जनसमर्थन।

असम। असम विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चुनावी मैदान में उतरकर प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। पार्टी के कार्यों और नीतियों से प्रभावित होकर असम की जनता ने झामुमो के प्रति अपना समर्थन और विश्वास प्रकट किया है।
राजमहल विधायक सह झामुमो के स्टार प्रचारक मो. ताजउद्दीन उर्फ एमटी राजा ने कहा कि झारखंड के विकास के प्रतीक हेमंत सोरेन तथा महिला सशक्तिकरण की प्रतीक कल्पना सोरेन की योजनाओं का असर अब अन्य राज्यों में भी देखने को मिल रहा है। असम में चुनाव प्रचार के दौरान झामुमो के पक्ष में जनसैलाब उमड़ पड़ा, जो इस बात का संकेत है कि लोग अब न्यायपूर्ण और अधिकार आधारित राजनीति की ओर बढ़ रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि असम की वर्तमान सरकार ने आदिवासी, अल्पसंख्यक, टी ट्राइब और राजवंशी समाज की आवाज को दबाने का प्रयास किया है। ऐसे में हेमंत सोरेन ने इन वर्गों की आवाज बनकर उनके अधिकारों की लड़ाई को मजबूती देने का काम किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि झामुमो सभी वर्गों के अधिकारों के प्रति गंभीर है और यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
एमटी राजा ने बताया कि कल्पना सोरेन ने असम की महिलाओं के बीच झारखंड में चल रही महिला सशक्तिकरण योजनाओं की जानकारी साझा की, जिससे वहां की महिलाएं काफी प्रभावित हुईं। इससे महिलाओं में आत्मनिर्भरता और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ी है।
उन्होंने आगे कहा कि झामुमो का संकल्प है कि हर वर्ग को सम्मान मिले, युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हों और क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित हो। विशेष रूप से असम के चाय बागानों में कार्यरत आदिवासी महिलाओं को उचित मजदूरी दिलाने के लिए पार्टी प्रतिबद्ध है।
अंत में उन्होंने कहा कि जनता का उत्साह और समर्थन इस बात का प्रमाण है कि अब समय आ गया है कि न्याय, अधिकार और समृद्धि पर आधारित राजनीति को आगे बढ़ाया जाए, ताकि एक सशक्त, समृद्ध और न्यायपूर्ण असम का निर्माण हो सके।

