पंचम राज्य वित्त आयोग ने पंचायत प्रतिनिधियों के साथ किया संवाद, ग्रामीण विकास एवं वित्तीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर चर्चा।
पंचायतों की समस्याओं, आवश्यकताओं और विकास संबंधी प्राथमिकताओं को समझने के उद्देश्य से हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग।

पाकुड़। पंचायती राज व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से पंचम राज्य वित्त आयोग की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान जिला परिषद अध्यक्ष एवं विभिन्न ग्राम पंचायतों के मुखियाओं के साथ पंचायतों के कार्यों, स्थानीय विकास की आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों तथा वित्तीय प्रावधानों के प्रभावी उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति, स्थानीय स्वशासन की आवश्यकताओं तथा जमीनी स्तर पर आने वाली चुनौतियों को समझना था। आयोग ने पंचायत प्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर उनके क्षेत्रों की विकास संबंधी प्राथमिकताओं, स्थानीय परिस्थितियों एवं आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की।
विचार-विमर्श के दौरान पंचायतों के माध्यम से संचालित विभिन्न विकास कार्यों, उपलब्ध स्थानीय संसाधनों तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर चर्चा की गई। आयोग ने पंचायत प्रतिनिधियों से उनके क्षेत्रों में विकास कार्यों की प्रगति, वर्तमान आवश्यकताओं तथा वित्तीय एवं प्रशासनिक चुनौतियों के संबंध में जानकारी ली।
इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं, विकास संबंधी प्राथमिकताओं तथा पंचायतों के बेहतर संचालन से जुड़े सुझाव आयोग के समक्ष रखे। साथ ही, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं के संचालन, संसाधनों की उपलब्धता और वित्तीय प्रावधानों के समुचित उपयोग पर भी अपने विचार साझा किए।

बैठक में पंचायतों को उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने तथा स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को गति देने से जुड़े विषयों पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया। पंचायत प्रतिनिधियों के अनुभवों एवं सुझावों के माध्यम से आयोग ने स्थानीय स्वशासन की व्यवस्था को अधिक सशक्त बनाने तथा पंचायतों की वास्तविक जरूरतों को समझने का प्रयास किया।
पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण विकास एवं स्थानीय स्वशासन की महत्वपूर्ण इकाइयां हैं। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इस संवाद के माध्यम से पंचायतों की वित्तीय जरूरतों, विकास कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के समुचित उपयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी प्राप्त की गई।
उक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिला परियोजना प्रबंधक, ई-पंचायत सहित संबंधित पदाधिकारी एवं पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।




