जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप विकास आयुक्त।
डीडीसी सतीश चंद्रा ने राजमहल प्रखंड की गुनिहारी पंचायत का किया विस्तृत निरीक्षण, विकास योजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता का लिया जायजा।

राजमहल साहिबगंज। जिले में संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े पात्र व्यक्ति तक पहुँचाने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा ने राजमहल प्रखंड का विस्तृत भ्रमण कर विभिन्न विकास योजनाओं का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गुनिहारी पंचायत में विभिन्न योजनाओं के तहत संचालित कार्यों का बारीकी से निरीक्षण करते हुए उनकी प्रगति, गुणवत्ता एवं धरातल पर योजनाओं के वास्तविक प्रभाव की जानकारी ली।
निरीक्षण के क्रम में उप विकास आयुक्त ने मनरेगा के अंतर्गत विकसित बिरसा हरित ग्राम योजना का जायजा लिया। उन्होंने योजना के तहत किए जा रहे पौधारोपण, पौधों के रखरखाव तथा इससे जुड़ी आजीविका सृजन की गतिविधियों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश देते हुए कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि और स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसरों का सृजन भी सुनिश्चित किया जाना है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि योजना का दीर्घकालिक लाभ ग्रामीणों को मिल सके। साथ ही उन्होंने योजना से जुड़े लाभुकों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने और कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
इसके बाद उप विकास आयुक्त ने जनमन आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं अबुआ आवास योजना के अंतर्गत निर्मित आवासों का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने आवास निर्माण की स्थिति, कार्य की गुणवत्ता एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण होने की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने आवास योजना के लाभुकों से सीधे संवाद किया और उनसे योजना के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं तथा निर्माण कार्य के दौरान आने वाली समस्याओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। लाभुकों ने भी अपनी समस्याओं एवं अनुभवों से उप विकास आयुक्त को अवगत कराया। उन्होंने लाभुकों की बातों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा आवश्यक समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उप विकास आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आवास योजनाओं के निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि पात्र लाभुकों को योजना का लाभ समय पर मिले।
निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा ने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाना है। सरकार की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ जरूरतमंद और पात्र लाभुकों तक समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी तरीके से पहुँचे।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन पूर्ण पारदर्शिता, गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप किया जाए। योजनाओं के कार्यान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता अथवा गुणवत्ता में कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि सभी पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए। साथ ही योजनाओं के तहत चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों की लगातार निगरानी की जाए, ताकि कार्यों की गुणवत्ता बनी रहे और सरकारी योजनाओं का उद्देश्य पूरी तरह धरातल पर दिखाई दे।

उप विकास आयुक्त ने ग्रामीणों से भी अपील की कि वे केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी एवं विकास योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका अधिकाधिक लाभ उठाएं। उन्होंने ग्रामीणों से विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ किसी भी पात्र व्यक्ति से वंचित न रहे और योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आवास, आजीविका एवं पर्यावरण संरक्षण के साथ समग्र विकास को गति मिले।
राजमहल प्रखंड के भ्रमण के दौरान उप विकास आयुक्त द्वारा किए गए इस निरीक्षण से स्पष्ट है कि जिला प्रशासन योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर है और विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी लेने के लिए लगातार जमीनी स्तर पर निगरानी कर रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि सरकारी योजनाओं का लाभ कागजों तक सीमित न रहकर वास्तविक रूप से जरूरतमंदों के घर-द्वार तक पहुँचे।



