राजमहल तीनपहाड़ मोड़ स्थित श्री श्री बड़ी दुर्गा पूजा समिति के पंडाल में मां कालरात्रि की विधि-विधान से हुई पूजा-अर्चना।
सप्तमी पर श्रद्धालुओं ने की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना।

राजमहल साहिबगंज। शारदीय नवरात्र के सातवें दिन राजमहल नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत राजमहल तीनपहाड़ मोड़ स्थित श्री श्री बड़ी दुर्गा पूजा समिति के पूजा पंडाल में मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना श्रद्धा, भक्ति और पूरे विधि-विधान के साथ की गई। इस अवसर पर पूरा पूजा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। मां दुर्गा के जयकारों से वातावरण गूंज उठा और श्रद्धालुओं ने माता रानी के चरणों में शीश झुकाकर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि दुष्टों का विनाश करने वाली तथा अपने भक्तों के भय को दूर कर उन्हें निर्भयता और साहस प्रदान करने वाली देवी हैं। नवरात्र के सप्तम दिन उनकी पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ माता की आराधना कर परिवार और समाज की मंगलकामना की।

तीनपहाड़ मोड़ स्थित श्री श्री बड़ी दुर्गा पूजा समिति का पूजा पंडाल नवरात्र के अवसर पर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। सप्तमी के पावन अवसर पर मां कालरात्रि के दर्शन और पूजा-अर्चना को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। माता के जयकारों और भक्तिमय वातावरण ने पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का माहौल बना दिया।
पूजा-अर्चना के दौरान श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की। साथ ही समाज में प्रेम, भाईचारा, आपसी एकता और सद्भाव कायम रहने की कामना की गई।
शारदीय नवरात्र का यह पावन पर्व लोगों को धर्म, सत्य और सकारात्मकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मां कालरात्रि की आराधना के साथ राजमहल तीनपहाड़ मोड़ क्षेत्र में दुर्गापूजा को लेकर भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
मां दुर्गा की कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे और हर घर में सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली का वास हो।




