कंचनजंघा टूरिस्ट फेस्टिवल में गूंजा झारखंड के पर्यटन विकास का संदेश।
राजमहल विधायक एमटी राजा ने साहिबगंज और राजमहल की प्राकृतिक व ऐतिहासिक विरासत को पर्यटन मानचित्र पर लाने की आवश्यकता जताई।

सिलीगुड़ी। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित सिटी सेंटर मॉल परिसर में आयोजित कंचनजंघा टूरिस्ट फेस्टिवल में राजमहल विधायक मो. ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। फेस्टिवल में देश के विभिन्न राज्यों के साथ नेपाल और भूटान के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। विभिन्न राज्यों के पर्यटन स्थलों से संबंधित स्टॉल के माध्यम से पर्यटकों को प्रमुख पर्यटन स्थलों, उनकी विशेषताओं और संभावनाओं की जानकारी दी गई।
राजमहल विधायक की पहल पर वर्ष 2025 से कंचनजंघा टूरिस्ट फेस्टिवल में झारखंड का पर्यटन स्टॉल लगाया जा रहा है। इसके माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले पर्यटकों को झारखंड के पर्यटन स्थलों की जानकारी दी जाती है। विधायक ने बताया कि पिछले वर्ष स्टॉल से जानकारी प्राप्त करने के बाद दो बड़े विद्यालयों के विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण साहिबगंज के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर हुआ था।
फेस्टिवल का उद्घाटन भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाईचुंग भूटिया, जलपाईगुड़ी के सांसद डॉ. जयंत राय, राजमहल विधायक मो. ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा, भूटान के पूर्व सांसद रीनजीम जामत्सो तथा नेपाल के अर्जुन कार्की ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार, पर्यटन की संभावनाओं और पड़ोसी देशों के साथ पर्यटन संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक एमटी राजा ने कहा कि कंचनजंघा टूरिस्ट फेस्टिवल झारखंड के पर्यटन स्थलों को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 से झारखंड के पर्यटन को इस फेस्टिवल से जोड़ने की पहल की गई है, जिसे आगे और व्यापक बनाने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने विशेष रूप से साहिबगंज और राजमहल की प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गंगा नदी और पहाड़ियों का प्राकृतिक संगम साहिबगंज को पर्यटन की दृष्टि से विशेष बनाता है। वहीं, ऐतिहासिक राजमहल का किला क्षेत्र के गौरवशाली अतीत की पहचान है।
विधायक ने कहा कि राजमहल की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन से जोड़कर विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने साहिबगंज एवं राजमहल की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक महत्व और पर्यटन की संभावनाओं को देश-विदेश के पर्यटकों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
फेस्टिवल में झारखंड, विशेषकर साहिबगंज और राजमहल की पर्यटन संभावनाओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किए जाने को लोगों ने रुचि के साथ देखा। आयोजन के माध्यम से झारखंड के पर्यटन स्थलों को देश के अन्य राज्यों के साथ-साथ नेपाल और भूटान के पर्यटकों तक पहुंचाने की दिशा में पहल को महत्वपूर्ण बताया गया।