झारखंड

आरएसएस पदाधिकारी कालीचरण मंडल का आरोप—कोलकाता में साजिश के तहत फंसाया गया, 18 दिन बाद मिली जमानत।

वाहन पर धार्मिक प्रतीक होने के कारण पुलिस कार्रवाई का आरोप, प्रशासन पर गंभीर सवाल उठा।

राजमहल साहिबगंज।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह विभाग कार्यवाह कालीचरण मंडल ने अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में कोलकाता में हुए एक कथित प्रकरण को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उन्हें और उनके साथियों को साजिश के तहत झूठे मामले में फंसाया गया।

कालीचरण मंडल के अनुसार, वे अपने निजी वाहन महिंद्रा मराजो की मरम्मत के लिए कोलकाता गए थे। उनके साथ ड्राइवर, मिस्त्री सहित कुल छह लोग मौजूद थे। सभी लोग कोलकाता के राजाहाट बाजार स्थित एक होटल में ठहरे हुए थे।

उन्होंने बताया कि उनके वाहन पर हनुमान जी का चित्र और “जय श्री राम” का स्टीकर लगा हुआ था। इसी कारण, उनके अनुसार, स्थानीय पुलिस ने जबरन कार्रवाई करते हुए सभी को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित कई अन्य आरोप लगाकर एयरपोर्ट थाना में प्राथमिकी कांड संख्या 98/26 दर्ज की और सभी को जेल भेज दिया।

कालीचरण मंडल ने कहा कि उन्हें लगभग 18 दिनों के बाद जमानत पर रिहा किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूरे मामले में उन्हें बदनाम करने की नीयत से स्थानीय स्तर पर अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जो वास्तविकता से कोसों दूर हैं।

प्रेस वार्ता के दौरान कालीचरण मंडल ने पश्चिम बंगाल की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में “प्रशासनिक गुंडागर्दी” चरम पर है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए।

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