झारखंड

राजमहल मॉडल कॉलेज में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के पूर्वाभ्यास पर भव्य योग कार्यक्रम आयोजित।

“स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” थीम के साथ छात्रों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने लिया योग का संकल्प।

राजमहल साहिबगंज। राजमहल मॉडल कॉलेज परिसर में शुक्रवार को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के पूर्वाभ्यास के अवसर पर एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने की। कार्यक्रम में योग, स्वास्थ्य एवं भारतीय संस्कृति के महत्व को लेकर विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य प्रो. डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने कहा कि वर्ष 2026 के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” है। उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय द्वारा घोषित यह विषय योग की उन विशेषताओं को रेखांकित करता है, जो जीवन के प्रत्येक चरण में शारीरिक शक्ति, मानसिक स्वास्थ्य एवं ऊर्जा को बढ़ावा देती हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोगों की औसत आयु लगभग 60 वर्ष के आसपास सिमटती जा रही है, जबकि नियमित योगाभ्यास के माध्यम से जीवन को स्वस्थ, संतुलित एवं दीर्घायु बनाया जा सकता है। योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की एक श्रेष्ठ जीवनशैली है। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय से योग शिक्षिका मारग्रेट हेम्ब्रम एवं फिजिकल शिक्षिका ज्योति पन्ना विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

योग शिक्षिका मारग्रेट हेम्ब्रम ने विद्यार्थियों को नियमित योग, आसन एवं व्यायाम करने के लिए प्रेरित करते हुए योग के शारीरिक एवं मानसिक लाभों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग तनावमुक्त जीवन, बेहतर एकाग्रता एवं सकारात्मक सोच विकसित करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।

कार्यक्रम के दौरान कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं द्वारा सामूहिक योगासन एवं व्यायाम की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। छात्राओं के अनुशासित एवं प्रेरणादायक प्रदर्शन ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया तथा सभी ने उनकी सराहना की।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. शैलेश मिश्र ने योग को जीवन का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि योग सरल, स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार है।

वहीं प्रतिभा रक्षित ने चित्रांकन के माध्यम से योग के महत्व को दर्शाते हुए लोगों को योग अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का समापन वैदिक मंगलकामना “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः।सर्वे भद्राणि पश्यन्तु, मा कश्चिद् दुःखभाग् भवेत्॥” के साथ किया गया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। पूरे परिसर में उत्साह, अनुशासन एवं सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना रहा।

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