झारखंड

हर्षोल्लास के साथ मनाया गया विश्व होम्योपैथिक दिवस, शिक्षा एवं शोध पर हुआ मंथन।

सदर अस्पताल पाकुड़ में आयोजित कार्यक्रम में चिकित्सकों ने होम्योपैथी के विकास में अनुसंधान की भूमिका पर दिया जोर।

पाकुड़। सदर अस्पताल स्थित जिला संयुक्त औषधालय में शुक्रवार को विश्व होम्योपैथिक दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के अध्ययन, अध्यापन एवं शोध को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला आयुष पदाधिकारी डॉ विपिन चंद्र गुप्ता द्वारा होम्योपैथी के जनक डॉ सैमुअल हैनीमैन के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात उपस्थित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने होम्योपैथी के महत्व और इसके विस्तार पर अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम के दौरान “अध्ययन, अध्यापन एवं रिसर्च” विषय पर विशेष मंथन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के सुदृढ़ विकास के लिए शिक्षा और अनुसंधान अत्यंत आवश्यक हैं। इसके माध्यम से न केवल उपचार की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि आमजन में इस पद्धति के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा।

जिला आयुष पदाधिकारी ने जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में कार्यरत चिकित्सकों से अपील की कि वे अपने-अपने केंद्रों पर प्रमाणिकता एवं प्राथमिकता के साथ मरीजों को होम्योपैथिक उपचार उपलब्ध कराएं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रभावी एवं सुरक्षित चिकित्सा पद्धति का लाभ उठा सकें।

इस अवसर पर जिले के आयुष चिकित्सक, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी तथा अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। सभी की सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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