108 एम्बुलेंस कर्मियों का आंदोलन जारी, 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान।
एनएचएम कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन संपन्न, मांगों पर सहमति नहीं बनने से कर्मचारियों में नाराजगी।

साहिबगंज। झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध के आह्वान पर 108 एम्बुलेंस कर्मियों की लंबित मांगों को लेकर आंदोलन जारी है। कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। हालांकि, सभी मांगों पर सहमति नहीं बनने के कारण संघ ने आंदोलन जारी रखने तथा 21 अक्टूबर 2026 से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का ऐलान किया है। वहीं, एनएचएम कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन भी संपन्न हुआ।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। संघ की ओर से प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी, प्रदेश महामंत्री सूरज साहू, कार्यकारी अध्यक्ष मुकेश कुमार, रवींद्र कुमार तथा साहिबगंज जिला उपाध्यक्ष रोहित रंजन समेत विभिन्न जिलों के अध्यक्ष एवं सचिव शामिल हुए। भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री एवं एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के प्रभारी रमाशंकर प्रसाद और जिला मंत्री सुबोध कुमार भी मौजूद रहे।

वार्ता के दौरान सम्मान फाउंडेशन कंपनी की ओर से जुलाई एवं अगस्त माह के वेतन भुगतान से संबंधित प्रमाण प्रस्तुत किए गए। हालांकि, संघ ने इन प्रमाणों की सत्यता पर सवाल उठाते हुए उन्हें संदिग्ध बताया और मामले की जांच की मांग की। संघ का कहना है कि जुलाई 2026 से कर्मचारियों का वेतन लंबित है, ऐसे में भुगतान संबंधी दावों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में कर्मचारियों की समस्याओं पर वार्ता हुई, लेकिन सभी मांगों पर सहमति नहीं बन सकी। सरकार की ओर से केवल एक मांग माने जाने तथा अन्य दो मांगों पर सहमति नहीं बनने के कारण आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
संघ की प्रमुख मांगों में 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन जिला स्तर पर सिविल सर्जन के माध्यम से कराने, बर्खास्त कर्मचारियों की पुनर्बहाली, लंबित वेतन का भुगतान तथा कर्मचारियों को सभी श्रमिक एवं वैधानिक अधिकार सुनिश्चित करना शामिल है।

संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि कर्मचारियों की लंबित मांगों का उचित समाधान नहीं किया गया, तो 21 अक्टूबर 2026 से राज्यभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। संघ के अनुसार, मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा।




