बरहेट में SIR-2026 की समीक्षा, पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने पर जोर।
भारत निर्वाचन आयोग के सचिव संजीव कुमार प्रसाद ने लिया पुनरीक्षण कार्यों का जायजा, 30 सितंबर तक प्राप्त दावों-आपत्तियों के समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश।

बरहेट साहिबगंज। जिले में संचालित SIR-2026 (विशेष गहन पुनरीक्षण) के सफल एवं निष्पक्ष क्रियान्वयन को लेकर मंगलवार को भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के सचिव संजीव कुमार प्रसाद ने बरहेट प्रखंड पहुंचकर मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं निर्वाचन कर्मियों को पारदर्शिता, सावधानी और निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए।
भारत निर्वाचन आयोग के सचिव के बरहेट पहुंचने पर उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी दीपक कुमार दूबे ने वन प्रमंडल अतिथि भवन में पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद अतिथि भवन में बरहेट विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में SIR-2026 के तहत चल रहे विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान संजीव कुमार प्रसाद ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि बरहेट (अ०ज०जा०) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आदिवासी एवं पहाड़िया समुदाय के सभी पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से अनावश्यक रूप से विलोपित नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के अधिकारों की पूरी तरह रक्षा की जाए और किसी वास्तविक मतदाता का नाम प्रक्रिया संबंधी त्रुटि के कारण प्रभावित न हो।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि मतदाता सूची में किसी अपात्र व्यक्ति का नाम शामिल न हो, इसके लिए उपलब्ध दस्तावेजों एवं अभिलेखों का नियमानुसार सत्यापन किया जाए। पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संचालित करने पर जोर दिया गया।
सचिव ने SIR-2026 के तहत प्राप्त दावा एवं आपत्ति से संबंधित दस्तावेजों और अभिलेखों का भी जायजा लिया। उन्होंने प्राप्त आवेदनों, उनके निस्तारण की स्थिति तथा सुनवाई की प्रगति के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली।उन्होंने निर्देश दिया कि सभी दस्तावेजों एवं अभिलेखों का सुव्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से नियमानुसार संधारण किया जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर किसी भी आवेदन या अभिलेख की आसानी से जांच की जा सके।
समीक्षा के दौरान दावा एवं आपत्ति से संबंधित लंबित मामलों की सुनवाई की प्रगति भी देखी गई। सचिव ने निर्देश दिया कि सभी लंबित सुनवाई को निर्धारित समय-सीमा के भीतर शीघ्र पूरा किया जाए। पात्र मतदाताओं से संबंधित आवेदनों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।उन्होंने बरहेट विधानसभा क्षेत्र के सभी सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदन का नियमानुसार, निष्पक्ष एवं तथ्यपरक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करें।
अधिकारियों को बताया गया कि SIR-2026 के तहत दावा एवं आपत्ति दाखिल करने की अवधि 5 अगस्त 2026 से 30 सितंबर 2026 तक निर्धारित है। सचिव ने निर्देश दिया कि निर्धारित अवधि में प्राप्त सभी दावों एवं आपत्तियों का नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने निर्वाचन कार्य में लगे सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों से कहा कि वे अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता और सतर्कता के साथ निर्वहन करें। दस्तावेजों की जांच, सुनवाई और अभिलेखों के संधारण में विशेष सावधानी बरतने तथा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने को कहा गया।
सचिव ने कहा कि शुद्ध एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची लोकतांत्रिक निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए पुनरीक्षण के दौरान पात्र मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और प्रत्येक आवेदन का नियमानुसार निष्पक्षता से निस्तारण किया जाए।
मौके पर निर्वाची पदाधिकारी, बरहेट सह अपर समाहर्ता विजय कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी कुमुदिनी टुडू सहित सभी संबंधित सहायक निर्वाची पदाधिकारी, बीएलओ एवं निर्वाचन कार्य से जुड़े कर्मी उपस्थित थे।




