तालझारी में बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर जागरूकता कार्यक्रम, ₹1 के सांकेतिक प्रीमियम पर किसान करा सकेंगे फसल का बीमा।
31 अगस्त 2026 तक बीमा कराने की अपील, प्राकृतिक आपदा और प्रतिकूल मौसम से फसल क्षति पर मिलेगा बीमा सुरक्षा का लाभ।

तालझारी साहिबगंज। बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (B-PMFBY) खरीफ 2026-27 के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ने के उद्देश्य से तालझारी प्रखंड में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को फसल बीमा योजना के प्रावधान, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, बीमा कराने की प्रक्रिया तथा प्राकृतिक आपदा एवं प्रतिकूल मौसम से फसल क्षति होने की स्थिति में मिलने वाले बीमा लाभों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
जागरूकता कार्यक्रम में किसानों को बताया गया कि खरीफ 2026 के लिए अधिसूचित फसलों का बीमा मात्र ₹1 के सांकेतिक प्रीमियम पर कराया जा सकता है। साहिबगंज जिले में अगहनी धान की बीमित राशि ₹90,503 प्रति हेक्टेयर तथा भदई मकई की बीमित राशि ₹70,190 प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है।
अधिकारियों ने किसानों को योजना के महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि प्राकृतिक आपदा एवं प्रतिकूल मौसम की स्थिति में फसल को होने वाले संभावित नुकसान से किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने में फसल बीमा महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
योजना के तहत कम वर्षा अथवा प्रतिकूल मौसम के कारण फसल की बुवाई विफल होने, स्थानीय प्राकृतिक आपदा से फसल को नुकसान पहुंचने तथा फसल कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी फसल को निर्धारित 14 दिनों की अवधि के भीतर चक्रवात, बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि से नुकसान होने की स्थिति में योजना के प्रावधानों के अनुसार बीमा दावा भुगतान का प्रावधान है।
इसके अतिरिक्त फसल कटाई प्रयोग से प्राप्त उपज निर्धारित थ्रेशहोल्ड उपज से कम आने पर भी नियमानुसार बीमा दावा देय हो सकता है। धान की फसल में जलजमाव से होने वाली क्षति को स्थानीय आपदा की स्थिति में योजना के प्रावधानों के अनुसार शामिल किया जा सकता है।

अधिकारियों ने बताया कि ऋणी एवं गैर-ऋणी दोनों प्रकार के किसान फसल बीमा योजना का लाभ ले सकते हैं। ऋणी किसानों का बीमा संबंधित ऋणदाता संस्था द्वारा नियमानुसार किया जाएगा।
वहीं, गैर-ऋणी किसान बैंक शाखा, को-ऑपरेटिव सोसायटी/PACS, प्रज्ञा केंद्र (CSC), फसल बीमा ऐप एवं पोर्टल के माध्यम से निर्धारित अवधि के भीतर अपनी अधिसूचित फसल का बीमा करा सकते हैं।
गैर-ऋणी किसानों को फसल बीमा कराने के लिए नवीनतम आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भूमि संबंधी दस्तावेज तथा फसल बुवाई से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे बीमा कराने के लिए आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखें, ताकि समय पर बीमा प्रक्रिया पूरी की जा सके।
अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और 31 अगस्त 2026 तक अपनी अधिसूचित फसल का बीमा अवश्य करा लें। प्राकृतिक आपदा एवं प्रतिकूल मौसम से होने वाले संभावित फसल नुकसान के विरुद्ध फसल बीमा किसानों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है।
किसानों से अधिक से अधिक संख्या में बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़कर इसका लाभ उठाने की अपील की गई।
जागरूकता कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी राम सुमन प्रसाद, प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी/बीसीईओ जगदीश हाजरा, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक (BTM) राजीव सिन्हा, प्लांट प्रोटेक्शन सेंटर के ओम प्रकाश पंडित, प्रखंड समन्वयक कृष्ण कुमार, पंचायती राज CSC मैनेजर शिवपूजन तुरी, CSC बड़ा दुर्गापुर के अशोक प्रमाणिक, कृषि मित्र सहित सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने किसानों से पुनः अपील करते हुए कहा कि वे समय रहते अपनी अधिसूचित फसल का बीमा कराकर प्राकृतिक आपदा एवं मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से होने वाले संभावित फसल नुकसान के विरुद्ध बीमा सुरक्षा सुनिश्चित करें।




