झारखंड

बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं सशक्तिकरण को लेकर चला व्यापक जागरूकता अभियान।

जमुना दास चौधरी बालिका उच्च विद्यालय में किशोरियों को अधिकारों, सरकारी योजनाओं और सुरक्षा उपायों की दी गई महत्वपूर्ण जानकारी।

साहिबगंज। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी के निर्देशानुसार जमुना दास चौधरी बालिका उच्च विद्यालय, साहिबगंज में किशोरियों की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं सशक्तिकरण को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को उनके अधिकारों, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, सुरक्षा कानूनों तथा स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक करना और उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनने के लिए प्रेरित करना रहा।

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, बाल विवाह मुक्त भारत अभियान, बाल संरक्षण, पॉक्सो एक्ट, गुड टच-बैड टच, डिजिटल साक्षरता, मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन, डायन प्रथा उन्मूलन तथा सखी वन स्टॉप सेंटर सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पूनम कुमारी ने किशोरियों को संबोधित करते हुए उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं तथा जरूरत के समय उपलब्ध सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बालिकाओं को अपनी शिक्षा निरंतर जारी रखने, सुरक्षित एवं जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार की समस्या या शोषण की स्थिति में चुप न रहने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने बालिकाओं से बाल विवाह एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने तथा अपने आसपास की बालिकाओं को भी शिक्षा और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जागरूकता और शिक्षा ही बालिकाओं को अपने अधिकारों को समझने तथा भविष्य में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करती है।

कार्यक्रम में किशोरियों को 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, प्रायोजन योजना, आफ्टर केयर एवं फोस्टर केयर जैसी सहायता सेवाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया। बालिकाओं को यह समझाया गया कि संकट या असुरक्षित परिस्थिति में उन्हें सहायता लेने में संकोच नहीं करना चाहिए तथा उपलब्ध सरकारी सहायता तंत्र का उपयोग करना चाहिए।

अभियान के दौरान किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं व्यक्तिगत देखभाल से जुड़े जरूरी उपायों को सरल तरीके से समझाया गया। इस अवसर पर किशोरियों के बीच सेनेटरी पैड का वितरण भी किया गया, ताकि वे मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता एवं स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रख सकें।

कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण और बालिकाओं की भागीदारी को जोड़ते हुए “एक पेड़ बेटी के नाम” पहल के तहत किशोरियों द्वारा पौधारोपण भी किया गया। इस पहल के माध्यम से बालिकाओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया गया तथा प्रकृति और समाज के प्रति अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में संरक्षण पदाधिकारी (गैर-संस्थागत देखरेख) मीना कुमारी, परियोजना समन्वयक मंथन अमन वर्मा, परियोजना समन्वयक चाइल्ड हेल्पलाइन मो. इकबाल, विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य, शिक्षकगण सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षा, स्वास्थ्य, अधिकार, डिजिटल जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया। जागरूकता अभियान ने किशोरियों को अपने अधिकारों को समझने, चुनौतियों का मजबूती से सामना करने तथा सुरक्षित और सशक्त भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!