बाढ़ की संभावित स्थिति को लेकर उपायुक्त ने गंगा घाटों का किया औचक निरीक्षण।
सुरक्षा, राहत-बचाव एवं प्रभावित लोगों की व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश।

साहिबगंज। जिले में गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर एवं संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी दीपक कुमार दुबे ने शनिवार को साहिबगंज के विभिन्न गंगा घाटों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ पूर्व तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था, जलस्तर की स्थिति तथा संभावित आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए की गई तैयारियों का जमीनी स्तर पर जायजा लिया। उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि संभावित बाढ़ को देखते हुए किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं।
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने ठाकुरबाड़ी घाट, पुरानी साहिबगंज, शकुंतला सहाय घाट सहित विभिन्न गंगा घाटों का भ्रमण किया। उन्होंने घाटों पर गंगा नदी के वर्तमान जलस्तर, लोगों के आवागमन, सुरक्षा व्यवस्था, घाटों की स्थिति तथा बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर आमजनों की सुरक्षा एवं राहत-बचाव कार्यों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
उपायुक्त ने मौके पर उपस्थित संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश देते हुए कहा कि गंगा नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जाए तथा जलस्तर में होने वाले प्रत्येक बदलाव की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक समय पर पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ को लेकर निचले इलाकों एवं दियारा क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए और वहां रहने वाले लोगों को जलस्तर बढ़ने तथा संभावित खतरे की स्थिति के संबंध में समय-समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
उपायुक्त ने अपर समाहर्ता एवं अंचलाधिकारी, सदर को निर्देश दिया कि साहिबगंज नगर क्षेत्र में संभावित रूप से प्रभावित होने वाले लोगों के लिए विभिन्न सुरक्षित परिसरों को चिह्नित कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रभावित लोगों के लिए वाटरप्रूफ टेंट, पेयजल एवं भोजन की समुचित व्यवस्था पहले से तैयार रखने का निर्देश दिया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर राहत कार्य तत्काल शुरू किया जा सके।

उन्होंने संभावित बाढ़ से प्रभावित होने वाले मवेशियों के लिए पर्याप्त मात्रा में चारे की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि आपदा की स्थिति में केवल मानव जीवन ही नहीं, बल्कि प्रभावित पशुधन की सुरक्षा एवं आवश्यक सहायता भी प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल होनी चाहिए।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संभावित प्रभावित क्षेत्रों में evacuation की लगातार मॉनिटरिंग की जाए। जरूरत पड़ने पर लोगों को बिना किसी देरी के सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्ययोजना पहले से तैयार रखी जाए। उन्होंने संवेदनशील एवं निचले क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया, ताकि आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए प्रशासन के सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
उपायुक्त ने गंगा घाटों एवं आसपास के क्षेत्रों में आमजनों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड एवं अन्य सुरक्षा उपाय प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों को खतरनाक एवं संवेदनशील स्थानों की ओर जाने से रोकने के लिए पर्याप्त निगरानी रखी जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घाटों पर अनावश्यक भीड़ एकत्र न हो और किसी भी प्रकार की जोखिमपूर्ण स्थिति उत्पन्न होने से पहले ही आवश्यक कदम उठा लिए जाएं। उन्होंने स्थानीय स्तर पर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने तथा संभावित खतरे की सूचना समय पर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।

उपायुक्त दीपक कुमार दुबे ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और प्रभावी प्रबंधन के लिए पूर्व तैयारी सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी अपने-अपने दायित्वों का गंभीरतापूर्वक निर्वहन सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि संभावित बाढ़ को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करते हुए वहां की स्थिति का नियमित आकलन किया जाए तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही, राहत सामग्री, नाव, सुरक्षित स्थल, भोजन, पेयजल, टेंट, पशुचारा सहित सभी आवश्यक संसाधनों को तैयार स्थिति में रखने को कहा।
जिला प्रशासन साहिबगंज संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क एवं तैयार है। प्रशासन द्वारा गंगा नदी के जलस्तर एवं संभावित प्रभावित क्षेत्रों पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। आमजनों की सुरक्षा एवं सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।




