विश्वकर्मा पूजा के शुभ अवसर पर राजमहल से मां वैष्णो देवी तीर्थ यात्रा के लिए बस रवाना।
जय माता दी ट्रैवल्स के माध्यम से श्रद्धालुओं का जत्था रवाना, देश के प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन कराए जाएंगे।

राजमहल साहिबगंज। विश्वकर्मा पूजा के शुभ अवसर पर राजमहल से मां वैष्णो देवी की तीर्थ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं से भरी बस को धार्मिक अनुष्ठान एवं विधिवत पूजा-अर्चना के बाद रवाना किया गया। जय माता दी ट्रैवल्स के माध्यम से आयोजित इस विशेष तीर्थ यात्रा का शुभारंभ राजमहल रेलवे स्टेशन चौक से हुआ। बस रवाना होने के अवसर पर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरा वातावरण धार्मिक जयकारों से गूंज उठा।
बस रवाना करने से पूर्व पुरोहित राजेश पांडे ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा-अर्चना कराई। पूजा-अर्चना के दौरान श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया और यात्रा के सफल, सुखद एवं मंगलमय होने की कामना की। इसके बाद अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर बस को तीर्थ यात्रा के लिए रवाना किया।
इस अवसर पर अतिथि विधायक प्रतिनिधि सह नगर पंचायत उपाध्यक्ष मो. मारूफ उर्फ गुड्डू, नगर पंचायत अध्यक्ष केताबुद्दीन शेख, पुलिस निरीक्षक राजीव रंजन, स्टेशन अधीक्षक डीके साहा तथा अग्निशमन पदाधिकारी सुमन कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। अतिथियों ने श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं तथा मां वैष्णो देवी से सभी के सुख-समृद्धि एवं मंगल की कामना की।
जय माता दी ट्रैवल्स के संचालक जनार्दन कुमार ने बताया कि यह तीर्थ यात्रा श्रद्धालुओं को देश के अनेक प्रसिद्ध धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों का दर्शन कराएगी। उन्होंने बताया कि राजमहल से रवाना हुई बस सबसे पहले राजगीर पहुंचेगी, जहां श्रद्धालुओं को कुंड स्नान कराया जाएगा। इसके बाद यात्रा काशी, प्रयागराज संगम, अक्षयवट, लेटे हनुमान मंदिर, मैहर देवी, सीहोर के कांबेश्वर धाम, उज्जैन महाकाल, वृंदावन, मथुरा, कंसकारा, गोवर्धन पर्वत, चामुंडा देवी और इस्कॉन मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों से होकर आगे बढ़ेगी।

इसके बाद श्रद्धालुओं का जत्था पंजाब के अमृतसर पहुंचेगा, जहां स्वर्ण मंदिर एवं जलियांवाला बाग का दर्शन एवं भ्रमण कराया जाएगा। अमृतसर के बाद यात्रा जम्मू-कश्मीर के कटरा पहुंचेगी, जहां श्रद्धालु पवित्र मां वैष्णो देवी धाम में दर्शन एवं पूजा-अर्चना करेंगे।
जनार्दन कुमार ने बताया कि मां वैष्णो देवी के दर्शन के उपरांत श्रद्धालुओं को हरिद्वार ले जाया जाएगा। वहां श्रद्धालु पवित्र गंगा में स्नान करेंगे तथा मनसा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद यात्रा के अंतिम चरण में श्रद्धालुओं को काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग का दर्शन कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यात्रा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को एक ही यात्रा के माध्यम से देश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों का दर्शन कराने के साथ-साथ विभिन्न पवित्र धामों में पूजा-अर्चना का अवसर उपलब्ध कराना है।
तीर्थ यात्रा के लिए बस रवाना होने के दौरान राजमहल रेलवे स्टेशन चौक पर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिला। यात्रा को लेकर भक्तों में विशेष उमंग थी। परिजनों एवं शुभचिंतकों ने यात्रियों को मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं। बस के रवाना होते ही श्रद्धालुओं ने धार्मिक जयकारे लगाए, जिससे आसपास का वातावरण भक्तिमय हो गया।
इस अवसर पर दर्जनों श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे। तीर्थ यात्रियों ने कहा कि देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों का दर्शन करने का अवसर मिलने से वे काफी उत्साहित हैं। मां वैष्णो देवी के दर्शन को लेकर विशेष श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला।



