पाकुड़ में विकास योजनाओं की समीक्षा, लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने का निर्देश।
उप विकास आयुक्त अरविंद लाल ने VB-GRAMG, आवास, पंचायती राज एवं JSLPS की योजनाओं की प्रगति का लिया जायजा; पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया जोर।

पाकुड़। जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं को गति देने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक समय पर पहुंचाने के उद्देश्य से सोमवार को उप विकास आयुक्त अरविंद लाल की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के पदाधिकारियों एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में VB-GRAMG, विभिन्न आवास योजनाओं, पंचायती राज विभाग तथा झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में विभागवार एवं प्रखंडवार उपलब्धियों, निर्धारित लक्ष्यों के विरुद्ध हुई प्रगति, लंबित कार्यों के निष्पादन, विभागीय समन्वय तथा पोर्टल पर आंकड़ों को अद्यतन रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। उप विकास आयुक्त ने अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने, लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया।

आवास योजनाओं की समीक्षा के दौरान स्वीकृत आवासों और निर्माण कार्यों की स्थिति का जायजा लिया गया। उप विकास आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को क्षेत्र भ्रमण कर आवास निर्माण की वास्तविक स्थिति का आकलन करने और अधूरे आवासों को जल्द पूरा कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण में आ रही बाधाओं की पहचान कर उनका समाधान किया जाए तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ देने में अनावश्यक देरी न हो।
उन्होंने आवास योजनाओं से संबंधित आंकड़ों एवं प्रगति प्रतिवेदनों को विभागीय पोर्टल पर समय पर अद्यतन करने का भी निर्देश दिया।
VB-GRAMG के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा करते हुए उप विकास आयुक्त ने निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने और प्रखंड स्तर पर नियमित अनुश्रवण करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यों में आने वाली समस्याओं की समय रहते पहचान कर उनका समाधान किया जाए तथा लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित हो।

वहीं, पंचायती राज विभाग की समीक्षा के दौरान पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं, अभिलेखों के संधारण और पोर्टल पर आवश्यक जानकारियों को अद्यतन रखने की स्थिति पर चर्चा की गई। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों को योजनाओं की नियमित समीक्षा करने, पारदर्शिता बनाए रखने और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का निर्देश दिया गया।
JSLPS की योजनाओं की समीक्षा के दौरान स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों, ग्रामीण आजीविका तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति पर चर्चा हुई। उप विकास आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को स्वयं सहायता समूहों को अधिक प्रभावी बनाने और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने और परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए नियमित संपर्क, प्रभावी निगरानी और विभागीय समन्वय सुनिश्चित किया जाए।
प्रखंडवार समीक्षा के दौरान उप विकास आयुक्त ने अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति पर लगातार नजर रखने तथा जहां कार्य अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो रहे हैं, वहां कमियों की पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पोर्टल पर आंकड़े दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि योजनाओं का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब पात्र लाभुकों को समय पर उनका लाभ मिले। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा। साथ ही, लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन कर निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने पर विशेष जोर दिया।
समीक्षा बैठक में जिला पंचायत राज पदाधिकारी प्रीतिलता मुर्मू, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, डीपीएम जेएसएलपीएस प्रवीण मिश्रा, परियोजना पदाधिकारी मोतीउर रहमान, जिला समन्वयक, आवास जिला समन्वयक निभा कुमारी, जिला परियोजना प्रबंधक ई-पंचायत आनंद प्रकाश, सभी प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, आवास एवं पंचायत के प्रखंड समन्वयक, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता सहित संबंधित विभागों के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
बैठक के अंत में अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित कार्यों के त्वरित निष्पादन और नियमित निगरानी के माध्यम से विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।




