झारखंड

डीपीआरओ ने नावाडीह पंचायत भवन का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के दिए निर्देश।

भस्मक, सेग्रीगेशन बिन, ज्ञान केंद्र और जन्म-मृत्यु पंजी का लिया जायजा; साफ-सफाई, अभिलेखों के संधारण और संसाधनों के उचित रखरखाव पर दिया जोर।

पाकुड़। जिले में पंचायत स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं को बेहतर बनाने और संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला पंचायत राज पदाधिकारी डीपीआरओ प्रीतिलता मुर्मू ने लिट्टीपाड़ा प्रखंड अंतर्गत नावाडीह पंचायत भवन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पंचायत भवन में उपलब्ध सुविधाओं, विभिन्न संसाधनों, अभिलेखों तथा पंचायत सुदृढ़ीकरण से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। साथ ही संबंधित कर्मियों को व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के क्रम में डीपीआरओ ने पंचायत भवन में स्थापित भस्मक, कचरा पृथक्करण के लिए रखे गए सेग्रीगेशन बिन, ज्ञान केंद्र तथा जन्म-मृत्यु पंजी का अवलोकन किया। उन्होंने उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति का जायजा लेते हुए उनके नियमित उपयोग और उचित रखरखाव पर विशेष जोर दिया।

पंचायत भवन परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और उपलब्ध संसाधनों को व्यवस्थित रखने का निर्देश देते हुए डीपीआरओ ने कहा कि पंचायत भवन ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं जनसुविधा केंद्र है। यहां उपलब्ध सुविधाओं का नियमित उपयोग और समुचित देखभाल सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि ग्रामीणों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।

उन्होंने भस्मक और सेग्रीगेशन बिन जैसी व्यवस्थाओं को निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप उपयोग में लाने तथा परिसर की साफ-सफाई पर नियमित ध्यान देने को कहा।

निरीक्षण के दौरान जन्म-मृत्यु पंजी सहित अन्य अभिलेखों का भी जायजा लिया गया। डीपीआरओ ने संबंधित कर्मियों को अभिलेखों का नियमानुसार संधारण करने और आवश्यक प्रविष्टियों को नियमित रूप से अद्यतन रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अभिलेखों का व्यवस्थित रखरखाव प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और सुचारु संचालन के लिए महत्वपूर्ण है।

वहीं, पंचायत भवन में संचालित ज्ञान केंद्र की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने उपलब्ध सुविधाओं के बेहतर उपयोग और प्रभावी संचालन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का उचित प्रबंधन ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायक होगा।

डीपीआरओ प्रीतिलता मुर्मू ने पंचायत भवन की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने और संबंधित कर्मियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन गंभीरता से करने का निर्देश दिया। उन्होंने साफ-सफाई, संसाधनों के रखरखाव, अभिलेखों के संधारण तथा पंचायत सुदृढ़ीकरण से जुड़े कार्यों पर निरंतर ध्यान देने की आवश्यकता बताई।

निरीक्षण का उद्देश्य पंचायत भवन में उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति का आकलन करने के साथ उनके बेहतर संचालन और रखरखाव को सुनिश्चित करना था। निरीक्षण के दौरान पंचायत सहायक एवं वीएलई उपस्थित थे।

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