झारखंड

पाकुड़ में आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों को दिया गया दो दिवसीय योग प्रशिक्षण।

बच्चों एवं किशोरों के स्वास्थ्य संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने तथा अस्थमा और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के स्वास्थ्य प्रबंधन में योग की उपयोगिता पर दी गई जानकारी।

पाकुड़। जिले में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने और आमजन को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आयुष विभाग, पाकुड़ की ओर से जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों के लिए दो दिवसीय योग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में योग के महत्व, विभिन्न योगासनों, नियमित अभ्यास के लाभ तथा दैनिक जीवन में योग को शामिल करने के व्यावहारिक तरीकों की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों को योग के प्रति जागरूक एवं प्रशिक्षित करना था, ताकि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में लोगों को योग के लाभों से अवगत कराते हुए स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर सकें। इस दौरान बच्चों एवं किशोरों के स्वास्थ्य संरक्षण तथा अस्थमा और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के स्वास्थ्य प्रबंधन में योग की भूमिका पर भी चर्चा की गई।

इस अवसर पर जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विपिन चंद्र गुप्ता ने दैनिक जीवन में योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकता है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न योगासनों और अभ्यासों की जानकारी देते हुए उनके व्यावहारिक उपयोग के बारे में बताया। साथ ही बच्चों एवं किशोरों में स्वस्थ आदतों को विकसित करने के लिए उचित मार्गदर्शन में योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।

प्रशिक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों को बताया गया कि योग केवल शारीरिक अभ्यास तक सीमित नहीं है, बल्कि नियमित दिनचर्या, शारीरिक सक्रियता और मानसिक संतुलन को बढ़ावा देने का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम है। अस्थमा और कैंसर जैसी बीमारियों के संदर्भ में योग की सहायक भूमिका तथा स्वास्थ्य प्रबंधन से जुड़े पहलुओं पर जानकारी साझा की गई। इस क्रम में यह भी स्पष्ट किया गया कि योग को आवश्यक चिकित्सकीय उपचार के विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि उचित चिकित्सकीय सलाह के साथ सहायक अभ्यास के रूप में अपनाना चाहिए।

कार्यक्रम में प्राप्त जानकारी को ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से आमजन तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। आयुष विभाग का उद्देश्य ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए स्वास्थ्यकर्मियों की जानकारी और व्यावहारिक समझ को बढ़ाना है, ताकि समुदाय में योग के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हो और लोग नियमित योगाभ्यास के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित हों।

इस अवसर पर जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विपिन चंद्र गुप्ता, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. सुजीत कुमार चौहान, जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

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