झारखंड

महाराजपुर के नदी तटवर्ती क्षेत्र में शैक्षणिक भ्रमण पर निकले भूगोल के विद्यार्थी।

नदी के अपरदन, अवक्षेपण एवं निक्षेपण जैसी भौगोलिक प्रक्रियाओं का करेंगे प्रत्यक्ष अध्ययन; प्रोजेक्ट कार्य के लिए जुटाएंगे क्षेत्रीय आंकड़े।

साहिबगंज। साहिबगंज महाविद्यालय के भूगोल विभाग के यूजी सेमेस्टर-7 के छात्र-छात्राओं का दल सोमवार को शैक्षणिक एवं क्षेत्रीय अध्ययन के लिए महाराजपुर के नदी तटवर्ती क्षेत्रों के लिए रवाना हुआ। भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को नदी से संबंधित विभिन्न भौगोलिक प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अध्ययन कराना तथा कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ना है।

भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद हसनाइन के मार्गदर्शन में आयोजित इस भ्रमण दल को महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रंजीत कुमार सिंह ने महाविद्यालय परिसर से रवाना किया। इस अवसर पर प्राचार्य ने कहा कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के लिए पुस्तकीय ज्ञान के साथ उसके व्यावहारिक पक्ष को समझना भी आवश्यक है। क्षेत्रीय भ्रमण विद्यार्थियों को प्राकृतिक घटनाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन करने और उनके कारणों एवं प्रभावों को बेहतर ढंग से समझने का अवसर देता है।

उन्होंने विद्यार्थियों से क्षेत्रीय अध्ययन के दौरान भौगोलिक घटनाओं का गंभीरता एवं सूक्ष्मता से अवलोकन करने तथा प्राप्त अनुभवों को अपने अध्ययन से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के अध्ययन से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, निरीक्षण क्षमता, विश्लेषणात्मक सोच और शोध की प्रवृत्ति विकसित होती है।

प्राचार्य डॉ. रंजीत कुमार सिंह की पहल पर भूगोल विभाग के विद्यार्थियों के लिए महाविद्यालय स्तर पर पहली बार आधिकारिक रूप से क्षेत्रीय शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम में क्षेत्रीय एवं व्यावहारिक अध्ययन को विशेष महत्व दिया गया है। इसी उद्देश्य से विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से संबंधित विषयों का स्थल-आधारित अध्ययन कराया जा रहा है।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थी मेजर पेपर-19 के अंतर्गत क्षेत्रीय अध्ययन के आधार पर प्रोजेक्ट फाइल तैयार करेंगे। इसके लिए वे क्षेत्रीय आंकड़ों का संकलन, स्थल का अवलोकन एवं उपलब्ध तथ्यों का विश्लेषण करेंगे।

महाराजपुर के नदी तटवर्ती क्षेत्र में विद्यार्थी नदी के प्रवाह से प्रभावित भू-आकृतियों एवं विभिन्न प्राकृतिक प्रक्रियाओं का अध्ययन करेंगे। विशेष रूप से नदी द्वारा होने वाले अपरदन, अवक्षेपण एवं निक्षेपण की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से समझने का प्रयास किया जाएगा। विद्यार्थियों को स्थल से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यों को दर्ज करने और प्रोजेक्ट कार्य के लिए आवश्यक जानकारी जुटाने का भी अवसर मिलेगा।

क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान अर्थशास्त्र विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. सोनू फ्रांसिस मुर्मू तथा वाणिज्य विभाग की सहायक प्राध्यापक कोमल कुमारी भी विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहीं। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को क्षेत्रीय अध्ययन के दौरान आवश्यक सावधानियों एवं अध्ययन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं के संबंध में मार्गदर्शन दिया।

महाविद्यालय के शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने विद्यार्थियों के इस शैक्षणिक भ्रमण की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। यह क्षेत्रीय अध्ययन विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर प्राकृतिक एवं भौगोलिक प्रक्रियाओं को प्रत्यक्ष रूप से समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!