बाल संरक्षण को लेकर बरहरवा थाना प्रभारी के साथ समन्वय बैठक, बच्चों की सुरक्षा पर जोर।
बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी और बाल शोषण की रोकथाम पर हुई चर्चा, संकटग्रस्त बच्चों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए पुलिस एवं बाल संरक्षण संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल पर बल।

बरहरवा साहिबगंज। जिले में बाल संरक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने और बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संरक्षण पदाधिकारी गैर संस्थागत देखरेख चंदा कुमारी के नेतृत्व में चाइल्ड हेल्पलाइन साहिबगंज एवं मंथन संस्था के प्रतिनिधिमंडल ने बरहरवा थाना प्रभारी रूपेश कुमार यादव से मुलाकात की। इस दौरान बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और उनके अधिकारों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में पुलिस प्रशासन और बाल संरक्षण संस्थाओं के बीच समन्वय बेहतर बनाने पर जोर दिया गया, ताकि जरूरतमंद एवं संकटग्रस्त बच्चों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके। साथ ही, बच्चों से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता बरतने, त्वरित कार्रवाई करने और बाल मित्र पुलिस की भूमिका को मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई।
बैठक के दौरान बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी और बाल शोषण जैसी गंभीर सामाजिक समस्याओं की रोकथाम पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया। ऐसे मामलों की पहचान, समय पर सूचना और प्रभावित बच्चों को आवश्यक सुरक्षा एवं संरक्षण उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों और संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने की आवश्यकता बताई गई।
प्रतिनिधिमंडल ने असुरक्षित परिस्थितियों में रह रहे बच्चों की पहचान करने तथा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संयुक्त प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।
बैठक में इस बात पर बल दिया गया कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण और उचित देखभाल उपलब्ध कराने के लिए पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन और सामाजिक संस्थाओं के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है। सभी संबंधित संस्थाओं के सहयोग से बाल संरक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने तथा बच्चों को शोषण और उपेक्षा से बचाने की दिशा में प्रयास किए जाने पर जोर दिया गया।
बच्चों से संबंधित किसी भी संकट या असुरक्षा की स्थिति में सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1098 पर संपर्क किया जा सकता है।
बैठक का मुख्य संदेश रहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, उचित संरक्षण और सम्मानपूर्ण भविष्य उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन, संबंधित संस्थाओं और समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है।




