झारखंड

108 एम्बुलेंस कर्मचारियों का चरणबद्ध आंदोलन 6 अक्टूबर से।

सरकार के आश्वासन के बावजूद मांगों पर निर्णय नहीं होने से संघ में नाराजगी, 16 अक्टूबर को राज्यव्यापी हड़ताल और 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी।

साहिबगंज 2अक्टूबर 2026। झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ ने 108 आपातकालीन एम्बुलेंस कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान में विलंब को लेकर एक बार फिर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। संघ के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में 16 सितंबर 2026 को हुई बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर 15 से 20 दिनों के भीतर विचार कर समाधान का आश्वासन दिया गया था। सरकार के आश्वासन के बाद संघ ने अपना प्रस्तावित आंदोलन स्थगित कर दिया था।

संघ का कहना है कि निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बावजूद मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे राज्यभर के 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए संघ ने 6 अक्टूबर 2026 से चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है।

झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के साहिबगंज जिला उपाध्यक्ष रोहित रंजन ने कहा कि कर्मचारियों ने सरकार और स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन पर भरोसा करते हुए आंदोलन स्थगित किया था। उम्मीद थी कि निर्धारित अवधि में मांगों का समाधान हो जाएगा, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण कर्मचारियों को पुनः आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कर्मचारियों की समस्याओं का समय पर समाधान नहीं होने से सेवा व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। संघ ने सरकार से अपील की है कि आंदोलन शुरू होने से पहले ही लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर उसका अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

संघ की प्रमुख मांगों में अभियान निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के पत्रांक 2499 (MD), दिनांक 6 अगस्त 2026 तथा संबंधित निर्देशों का तत्काल अनुपालन शामिल है। संघ ने मांग की है कि राज्यभर में 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन संबंधित जिलों के सिविल सर्जन के माध्यम से सरकारी स्तर पर कराया जाए तथा कर्मचारियों के वेतन का भुगतान भी सिविल सर्जन के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए।

इसके अलावा सम्मान फाउंडेशन द्वारा सेवा से हटाए गए कर्मचारियों को उनके संबंधित जिलों में पुनः सेवा में बहाल करने की मांग भी संघ ने उठाई है।

संघ ने 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों को ईपीएफ, ईएसआई, ओवरटाइम, ग्रेच्युटी और न्यूनतम वेतन सहित सभी वैधानिक एवं श्रमिक अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की है। संघ का कहना है कि कर्मचारियों को उनकी सेवा और श्रम के अनुरूप सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए तथा सेवा शर्तों से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान होना चाहिए।

6 से 9 अक्टूबर: कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर कार्य करेंगे।9 अक्टूबर: सभी जिलों में सिविल सर्जन कार्यालय से उपायुक्त कार्यालय तक कैंडल मार्च निकाला जाएगा।12 अक्टूबर: सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष भिक्षाटन कार्यक्रम होगा।14 अक्टूबर: सिविल सर्जन कार्यालय से उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।16 अक्टूबर: राज्यभर में एक दिवसीय पूर्ण हड़ताल की जाएगी। इस दौरान नामकुम, रांची स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय के समक्ष भी धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित है।21 अक्टूबर से: मांगों का समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल एवं चरणबद्ध विरोध-प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।

संघ ने कहा है कि आंदोलन के सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किए जाएंगे। संघ ने राज्य सरकार से अपील की है कि 6 अक्टूबर से आंदोलन शुरू होने से पहले ही 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों की लंबित मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाए।

संघ का कहना है कि समय रहते मांगों का समाधान होने से कर्मचारियों को राहत मिलेगी और राज्य की महत्वपूर्ण 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा को प्रभावित होने से बचाया जा सकेगा।

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