झारखंड

विपत्र निकासी की प्रक्रिया पर सख्ती: उपायुक्त दीपक कुमार दूबे ने की व्यापक समीक्षा, पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर।

कोषागार भेजने से पहले त्रुटिहीन जांच अनिवार्य, एआई आधारित निगरानी और वित्तीय अनुशासन पर विशेष निर्देश।

साहिबगंज। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दीपक कुमार दूबे की अध्यक्षता में कार्यालय प्रकोष्ठ में विपत्रों की निकासी को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा विपत्र निकासी की प्रक्रिया का गहन मूल्यांकन किया गया तथा कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी विपत्रों का निष्पादन विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप एवं नियमानुसार जांच के बाद ही किया जाए। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी विपत्र को कोषागार भेजने से पूर्व उसकी त्रुटिहीन जांच कर पूरी तरह संतुष्ट हो लें, ताकि किसी प्रकार की गलत निकासी की संभावना समाप्त हो सके।

बैठक के दौरान नियमित मॉनिटरिंग को अनिवार्य बताते हुए उपायुक्त ने वर्तमान भुगतान प्रणाली में छेड़छाड़ की रोकथाम पर विशेष जोर दिया। इसके साथ ही संवेदनशील पदों पर कार्यरत कर्मियों के समय-समय पर स्थानांतरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित सैंपलिंग एवं निगरानी व्यवस्था लागू करने, बजट की सतत समीक्षा तथा पूर्व स्थापित प्रक्रियाओं का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने यह भी कहा कि सभी विभाग वित्तीय नियमों और प्रक्रियाओं का पूर्ण पालन करें तथा वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए जनहित में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

बैठक में उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, अपर समाहर्ता गौतम कुमार भगत, अनुमंडल पदाधिकारी अमर जॉन आईन्द, जिला आपूर्ति पदाधिकारी झुनू कुमार मिश्रा, जिला कोषागार पदाधिकारी आशुतोष कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी दुर्गानंद झा, जिला शिक्षा अधीक्षक कुमार हर्ष, मुख्यालय डीएसपी संजय कुस्वाहा, होमगार्ड डीएसपी सुरज कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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