विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर साहिबगंज में जागरूकता अभियान, लोगों को किया जा रहा जागरूक।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की पहल पर अस्पतालों, विद्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित; मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच अपनाने और जरूरतमंदों को सहयोग देने की अपील।

साहिबगंज। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज की ओर से जिले के विभिन्न अस्पतालों, विद्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार तथा प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज गुलाम हैदर के मार्गदर्शन में पारा विधिक स्वयंसेवकों और न्याय मित्रों द्वारा लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव से निपटने के उपायों तथा मानसिक समस्याओं से जुड़े भ्रम और सामाजिक भेदभाव को दूर करने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं और ग्रामीणों को बताया जा रहा है कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। मानसिक परेशानी होने पर उसे नजरअंदाज करने के बजाय परिवार, शिक्षकों, विश्वसनीय व्यक्तियों अथवा विशेषज्ञों से सहायता लेनी चाहिए।
जागरूकता कार्यक्रमों में विद्यार्थियों और युवाओं को पढ़ाई, परीक्षा तथा दैनिक जीवन में उत्पन्न होने वाले तनाव का सकारात्मक तरीके से सामना करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्हें अपनी भावनाओं को समझने, समस्याओं को साझा करने और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों से परामर्श लेने के महत्व की जानकारी दी जा रही है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव विश्वनाथ भगत ने कहा कि अभियान का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और मानसिक समस्याओं से प्रभावित लोगों को सम्मान एवं सहयोग प्रदान करने के लिए समाज को प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि मानसिक परेशानी किसी व्यक्ति की कमजोरी नहीं है। ऐसे लोगों के प्रति भेदभाव करने के बजाय उनकी बात सुनना, उनका मनोबल बढ़ाना और जरूरत के अनुसार उचित सहायता दिलाने में सहयोग करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि परिवार, विद्यालय और समाज के सभी लोगों को ऐसा वातावरण बनाने में योगदान देना चाहिए, जहां व्यक्ति बिना किसी संकोच के अपनी समस्याओं को साझा कर सकें और समय पर उचित सहायता प्राप्त कर सकें।
जागरूकता अभियान के दौरान पारा विधिक स्वयंसेवकों द्वारा पात्र लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता और कानूनी मार्गदर्शन की जानकारी भी दी जा रही है। जरूरतमंद व्यक्ति कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की हेल्पलाइन 15100 पर संपर्क कर सकते हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की इस पहल का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, सामाजिक भेदभाव दूर करने और जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने के साथ-साथ उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी है। प्राधिकार ने लोगों से मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने, प्रभावित व्यक्तियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने और एक-दूसरे का सहयोग करने की अपील की है।




