शिक्षा योजनाओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर उपायुक्त ने दिया जोर।
योजनाओं की नियमित निगरानी और विद्यार्थियों तक शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने का निर्देश।

साहिबगंज। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दीपक कुमार दूबे की अध्यक्षता में रविवार को कार्यालय प्रकोष्ठ में झारखंड शिक्षा परियोजना की कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने योजनाओं के प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की वर्तमान स्थिति, क्रियान्वयन की प्रगति तथा विद्यार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने से जुड़े विषयों पर बिंदुवार चर्चा हुई। उपायुक्त ने योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं एवं चुनौतियों की जानकारी लेते हुए उनके शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने कहा कि शिक्षा से संबंधित सरकारी योजनाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसलिए योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।
उन्होंने योजनाओं की नियमित निगरानी, प्रगति की समीक्षा और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही कहा कि क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाली समस्याओं का समय रहते निराकरण किया जाए, ताकि विद्यालयों एवं विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं का अपेक्षित लाभ मिल सके।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति एवं उनके बेहतर क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव भी रखे। उपायुक्त ने प्राप्त सुझावों पर आवश्यक कार्रवाई करने तथा बैठक में दिए गए निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, परियोजना निदेशक आईटीडीए संजय कुमार दास, सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान, जिला योजना पदाधिकारी अनुप कुमार, जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी उमेश कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी नयन कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक उर्मिला हांसदा सहित विभिन्न प्रखंडों के प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी बीपीओ एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को शिक्षा विभाग की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए पूरी गंभीरता और तत्परता से कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंद विद्यार्थियों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।




