गांधी जयंती पर साहिबगंज मंडल कारा में जेल अदालत, विधिक जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविर आयोजित।

साहिबगंज। गांधी जयंती के अवसर पर झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश तथा प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज गुलाम हैदर के मार्गदर्शन में साहिबगंज मंडल कारा में जेल अदालत, विधिक जागरूकता कार्यक्रम एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को उनके विधिक अधिकारों की जानकारी देने के साथ-साथ स्वास्थ्य, स्वच्छता, नशामुक्ति, कौशल विकास और पुनर्वास के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सिंधु नाथ लमाये एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव विश्वनाथ भगत सहित अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सिंधु नाथ लमाये ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों की भी जानकारी होनी चाहिए। भारतीय संविधान नागरिकों को अधिकार प्रदान करने के साथ उनके कर्तव्यों का भी निर्धारण करता है। अधिकार और कर्तव्य के बीच संतुलन बनाए रखना एक जिम्मेदार नागरिक की पहचान है।
उन्होंने कहा कि जेल जीवन का अंत नहीं, बल्कि स्वयं में सुधार और पुनर्वास का अवसर है। बंदी कौशल विकास, योग, व्यायाम तथा विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों से जुड़कर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। जेल से बाहर निकलने के बाद वे समाज की मुख्यधारा में लौटकर स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।उन्होंने बंदियों से अपनी गलतियों से सीख लेने, सकारात्मक सोच अपनाने और नशे से पूरी तरह दूर रहने की अपील की।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव विश्वनाथ भगत ने बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद बंदियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

उन्होंने बंदियों को जमानत, अपील, निःशुल्क अधिवक्ता तथा अन्य कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बंदियों से जेल से बाहर आने के बाद शांतिपूर्ण, जिम्मेदार और कानून का पालन करने वाले नागरिक के रूप में जीवन जीने का आह्वान किया।
आयोजित जेल अदालत में पात्र मामलों की समीक्षा की गई। इस दौरान बंदियों की विभिन्न समस्याओं एवं विधिक आवश्यकताओं को सुना गया तथा उन्हें उपलब्ध कानूनी सहायता और संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के तहत आयोजित स्वास्थ्य शिविर में डॉ. मोहन मुर्मू एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने बंदियों के स्वास्थ्य की जांच की। जांच के बाद आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया तथा जरूरत के अनुसार दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता, नशामुक्ति, कौशल विकास और स्वरोजगार को लेकर भी बंदियों को जागरूक किया गया। अधिकारियों ने कहा कि गांधी जयंती सत्य, अहिंसा, मानवता, आत्मानुशासन और सुधार के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का महत्वपूर्ण अवसर है।
इस अवसर पर जेल प्रशासन, लीगल एड डिफेंस काउंसिल, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, पारा विधिक स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में बंदी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता नीरव जामुदा, अधिवक्ता राय मुनि मरांडी तथा कानून के विद्यार्थी रमाकांत मरांडी भी मौजूद रहे।




