लगातार तीन दिवसीय बैंक बंदी से व्यापारिक गतिविधियों पर असर की आशंका।
चैंबर ने एटीएम में पर्याप्त नकदी, डिजिटल बैंकिंग और चेक क्लीयरेंस की वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की।

साहिबगंज। आगामी लगातार तीन दिवसीय बैंक बंदी को लेकर जिले के व्यापारिक संगठनों में चिंता बढ़ गई है। ईस्टर्न झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, साहिबगंज के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि बैंकिंग व्यवस्था व्यापार और अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना है। लगातार तीन दिनों तक बैंक शाखाओं के बंद रहने से भुगतान, नकदी प्रवाह और दैनिक व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका है।
चैंबर अध्यक्ष ने कहा कि साहिबगंज जैसे व्यापारिक जिले में पत्थर उद्योग, कृषि मंडी, परिवहन, खुदरा व्यापार और छोटे-मझोले कारोबार बड़ी संख्या में बैंकिंग लेन-देन पर निर्भर हैं। बैंक शाखाएं बंद रहने से जमा, निकासी, भुगतान और अन्य बैंकिंग कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि पत्थर उद्योग एवं अन्य कारोबारी गतिविधियों में ट्रक भाड़े, मजदूरों की दिहाड़ी, माल की खरीद-बिक्री और आपूर्तिकर्ताओं के भुगतान जैसे कार्य नियमित रूप से होते हैं। बैंकिंग सेवाओं में लंबे अंतराल के कारण इन भुगतानों में देरी होने से व्यापारिक गतिविधियों की गति प्रभावित हो सकती है। खासकर सीमित पूंजी के साथ कारोबार करने वाले छोटे एवं मझोले व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ने की आशंका है।
राजेश अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान व्यापारिक व्यवस्था एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। किसी एक क्षेत्र में भुगतान प्रभावित होने का असर परिवहन, आपूर्ति और खरीद-बिक्री से जुड़े अन्य कारोबारों पर भी पड़ सकता है। इसलिए बैंकिंग सेवाओं में व्यवधान का प्रभाव स्थानीय व्यापार के साथ-साथ व्यापक आपूर्ति श्रृंखला पर भी देखने को मिल सकता है।
चैंबर ने केंद्र सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक और बैंक प्रबंधन से बैंक बंदी के दौरान आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की है। चैंबर ने कहा कि एटीएम में पर्याप्त नकदी उपलब्ध रखी जाए तथा इंटरनेट बैंकिंग और यूपीआई जैसी डिजिटल भुगतान सेवाओं को सुचारू रखा जाए, ताकि आम लोगों और व्यापारियों को कम से कम परेशानी हो।
इसके अलावा चेक क्लीयरेंस के लिए भी उचित व्यवस्था करने की मांग की गई है। बैंक खुलने के बाद लंबित चेकों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटारा करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की गई है।
चैंबर अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने व्यापारियों, उद्योगपतियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे बैंक बंदी से पहले अपने आवश्यक बैंकिंग कार्य पूरे कर लें। जिन लोगों को नकदी की आवश्यकता है, वे समय रहते इसकी व्यवस्था कर लें तथा चेक जमा, भुगतान और अन्य जरूरी बैंकिंग कार्य भी पहले ही निपटा लें।
उन्होंने कहा कि पूर्व तैयारी से बैंक बंदी के दौरान होने वाली संभावित असुविधा को काफी हद तक कम किया जा सकता है। साथ ही डिजिटल भुगतान करते समय बैंक खातों और लेन-देन की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है।




