झारखंड

मिशन वात्सल्य के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न।

बाल संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर उपायुक्त दीपक कुमार दुबे के सख्त निर्देश, योजनाओं के बेहतर संचालन पर जोर।

साहिबगंज।जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दीपक कुमार दुबे की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में केंद्र प्रायोजित मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में बाल संरक्षण से संबंधित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करना और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करना था।

बैठक में बालिका गृह के निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने सदर अंचल अधिकारी को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय स्थापित कर संबंधित पदाधिकारी को शीघ्र प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं।

विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी (SAA) के संचालन के लिए पुराने भवन के चिन्हांकन को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ, ताकि बच्चों के पुनर्वास की प्रक्रिया को और सुदृढ़ किया जा सके।

बालगृह बालक, साहिबगंज एवं मिशनरीज ऑफ चैरिटी, कुंडली (बरहेट) में रह रहे बच्चों के आधार कार्ड, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बालगृहों में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मनोचिकित्सक की प्रतिनियुक्ति पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने वन स्टॉप सेंटर में पूर्व में कार्यरत चिकित्सक को इस कार्य के लिए प्रतिनियुक्त करने का निर्देश दिया।

बैठक में प्रायोजन, पालन-पोषण देखरेख एवं आफ्टर केयर योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही, जिला बाल संरक्षण इकाई कार्यालय में बुनियादी सुविधाओं के विकास पर भी ध्यान दिया गया।

कार्यालय परिसर में पेवर्स ब्लॉक बिछाने तथा चहारदीवारी के ऊपर कंटीले तार लगाने के लिए एनआरईपी को प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया।

मिशन वात्सल्य के तहत प्रखंड, पंचायत, ग्राम एवं वार्ड स्तर पर समितियों के गठन और प्रायोजन योजना की राशि समायोजन से जुड़े मामलों पर संबंधित विभाग को पत्राचार करने को कहा गया।

इस समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, जिला योजना पदाधिकारी अनुप कुमार, मुख्यालय डीएसपी विजय कुशवाहा, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी अनिल कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और समुचित देखभाल सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। मिशन वात्सल्य के माध्यम से जिले में बाल संरक्षण व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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