स्मार्ट कक्षा के प्रभावी संचालन को लेकर शिक्षकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण शुरू।
डिजिटल माध्यमों से कठिन विषयों को सरल एवं रोचक बनाने की सीख, तीन प्रशिक्षण केंद्रों पर शिक्षकों को दिया जा रहा व्यावहारिक प्रशिक्षण।

पाकुड़। जिले के सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट कक्षा एवं सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) आधारित शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से शिक्षकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण मंगलवार से शुरू हुआ। प्रशिक्षण का शुभारंभ जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पुरती ने किया।
स्कूलनेट इंडिया लिमिटेड के माध्यम से आयोजित प्रशिक्षण में शिक्षकों को स्मार्ट कक्षा के संचालन, डिजिटल शैक्षणिक सामग्री तैयार करने, विषयवार उपयोगी डिजिटल सामग्री की खोज एवं चयन तथा कक्षा शिक्षण में उसके प्रभावी उपयोग की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों से परिचित कराना है, ताकि वे डिजिटल माध्यमों की सहायता से कठिन विषयों और टॉपिक को विद्यार्थियों के लिए सरल एवं रुचिकर बना सकें।
जिले में प्रशिक्षण की शुरुआत तीन केंद्रों पर की गई है। इनमें मध्य विद्यालय चांदपुर, महेशपुर, मध्य विद्यालय कुड़ापाड़ा, पाकुड़ तथा मध्य विद्यालय हाथकाठी (उर्दू), हिरणपुर शामिल हैं। इन केंद्रों पर शिक्षक स्मार्ट कक्षा संचालन, डिजिटल सामग्री निर्माण, शैक्षणिक संसाधनों की खोज एवं चयन तथा उनके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को चित्र, वीडियो, प्रस्तुतीकरण सहित अन्य डिजिटल संसाधनों का विषय की आवश्यकता के अनुरूप उपयोग करने की तकनीक भी सिखाई जा रही है। इसके माध्यम से कक्षा को अधिक संवादात्मक, प्रभावी और रुचिकर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद शिक्षक स्मार्ट कक्षा के माध्यम से विभिन्न विषयों और कठिन अवधारणाओं को विद्यार्थियों को अधिक सरल एवं सहज तरीके से समझा सकेंगे। इससे विद्यार्थियों की विषय-वस्तु को समझने की क्षमता बढ़ने के साथ पढ़ाई के प्रति रुचि विकसित करने में भी मदद मिलेगी।
प्रशिक्षण के शुभारंभ के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पुरती ने विभिन्न कक्षाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर स्मार्ट कक्षा के संचालन और उपयोग के संबंध में जानकारी ली। साथ ही शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से डिजिटल माध्यम से पढ़ाई के अनुभव के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए उपलब्ध संसाधनों के उपयोग की स्थिति का जायजा लिया।
जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पुरती ने कहा कि आईसीटी और स्मार्ट कक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को डिजिटल तकनीक की जानकारी मिलने के साथ विभिन्न विषयों और कठिन टॉपिक को समझने में भी आसानी होगी। उन्होंने शिक्षकों से स्मार्ट कक्षा में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम और प्रभावी उपयोग करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का सही उपयोग शिक्षण प्रक्रिया को सरल, प्रभावी और रुचिकर बना सकता है। डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल केवल औपचारिकता के लिए नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और विषय की समझ को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया जाना चाहिए।
मौके पर अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी पीयूष कुमार, जिला एमआईएस प्रभारी मुकेश कुमार, जिला समन्वयक सुदीप कुमार, संकुल समन्वयक पुलक मंडल सहित प्रशिक्षक पलाश, मोइन, नफीसा, नैना, प्रदीप, नूर एवं नदिरा उपस्थित रहे।




