गांधी जयंती पर माताओं को हुनर से आत्मनिर्भर बनाने की पहल।
एनआरसी में बच्चों के साथ रह रही माताओं को दिया गया सिलाई, कढ़ाई और बुनाई का प्रशिक्षण।

साहिबगंज। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाने की दिशा में सराहनीय पहल की गई। सदर प्रखंड अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित कुपोषण उपचार केंद्र (एनआरसी) में भर्ती बच्चों के साथ रह रही माताओं के लिए विशेष कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में माताओं को सिलाई, कढ़ाई एवं बुनाई का प्रशिक्षण दिया गया। इसका उद्देश्य बच्चों के उपचार के साथ-साथ उनकी माताओं को उपयोगी हुनर से जोड़ना और भविष्य में इन कौशलों के माध्यम से स्वरोजगार एवं आय के अवसर उपलब्ध कराना है।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को सिलाई-बुनाई और कढ़ाई से जुड़े विभिन्न कार्यों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि इन हुनरों के माध्यम से वे घर से छोटे स्तर पर काम शुरू कर अपनी आय बढ़ा सकती हैं तथा परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में योगदान दे सकती हैं।
मुख्य प्रशिक्षक इंद्रा देवी ने महिलाओं को प्रशिक्षण देते हुए उन्हें नियमित अभ्यास के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षण में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नए हुनर सीखने में विशेष रुचि दिखाई।

स्वास्थ्य विभाग की यह पहल कुपोषित बच्चों के उपचार के साथ उनकी माताओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण पर भी केंद्रित है। उपचार अवधि के दौरान माताओं को समय का सदुपयोग करते हुए कौशल सीखने का अवसर मिल रहा है, जिसका लाभ वे आगे आजीविका के रूप में उठा सकती हैं।
मौके पर सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. महमूद आलम सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया।
गांधी जयंती पर आयोजित यह पहल स्वास्थ्य सेवा के साथ कौशल विकास, महिला सशक्तीकरण और सम्मानजनक आजीविका को जोड़ने का सार्थक प्रयास है। बच्चों के उपचार के साथ उनकी माताओं को हुनरमंद बनाने की यह पहल महिला आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।




