झारखंड

15 जुलाई को साहिबगंज में होगा व्यापक सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल एवं एयर रेड ब्लैकआउट अभ्यास।

हवाई हमले जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का होगा परीक्षण, नागरिकों को सायरन, ब्लैकआउट, राहत एवं बचाव प्रक्रिया का कराया जाएगा अभ्यास।

साहिबगंज। नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने, आपदा प्रबंधन प्रणाली की तैयारियों का परीक्षण करने तथा आम लोगों में आपदा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 15 जुलाई 2026 बुधवार को साहिबगंज जिले में व्यापक स्तर पर सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल एवं एयर रेड ब्लैकआउट अभ्यास आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दीपक कुमार दुबे की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त दीपक कुमार दुबे ने बताया कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के आलोक में यह विशेष अभ्यास कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसी संभावित हवाई हमले, प्राकृतिक आपदा अथवा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता का परीक्षण करना है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में किसी भी आपदा या आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए केवल प्रशासन की तैयारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का जागरूक, सतर्क एवं प्रशिक्षित होना भी उतना ही आवश्यक है। यह मॉक ड्रिल लोगों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता विकसित करने तथा संकट की घड़ी में सही निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

जिले में मॉक ड्रिल निम्नलिखित स्थानों पर आयोजित की जाएगी, प्रखंड कार्यालय, साहिबगंज — अपराह्न 4:00 बजे, संध्या महाविद्यालय, साहिबगंज — अपराह्न 4:00 बजे, साहिबगंज रेलवे स्टेशन परिसर — रात्रि 8:00 बजे, इन स्थानों पर आपातकालीन परिस्थितियों का वास्तविक वातावरण तैयार कर राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया जाएगा तथा संबंधित विभागों की कार्यक्षमता का परीक्षण किया जाएगा।

अभ्यास के दौरान कई महत्वपूर्ण गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी, जिनमें शामिल हैं, हवाई हमले की चेतावनी के संकेत स्वरूप सायरन का संचालन।निर्धारित अवधि के लिए एयर रेड ब्लैकआउट अभ्यास।नागरिकों से बिजली, इन्वर्टर एवं अन्य कृत्रिम प्रकाश स्रोतों का उपयोग नहीं करने का अनुरोध।चिन्हित सुरक्षित स्थानों तक लोगों की सुरक्षित निकासी का व्यावहारिक अभ्यास।प्राथमिक उपचार, राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन।जिला पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी, एनएसएस तथा स्वयंसेवी संगठनों की सक्रिय भागीदारी।रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए शैडो कंट्रोल रूम की स्थापना।ड्रोन एवं वीडियोग्राफी के माध्यम से संपूर्ण मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट की निगरानी।पूरे अभ्यास की वीडियो रिकॉर्डिंग।

उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि मॉक ड्रिल के दौरान नागरिकों को सायरन प्रणाली, सुरक्षित स्थानों तक निकासी, प्राथमिक उपचार, राहत एवं बचाव कार्य तथा आपदा के समय अपनाए जाने वाले आवश्यक सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध एवं प्रभावी तरीके से अभ्यास संपन्न कराने का निर्देश दिया।

मॉक ड्रिल के सफल संचालन के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। साथ ही कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार विभिन्न माध्यमों से किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक नागरिक इसमें भाग लेकर आपदा प्रबंधन संबंधी आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकें।

समीक्षा बैठक में अपर समाहर्ता विजय कुमार, सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान, कार्यपालक दंडाधिकारी प्रमोद आनंद सहित विभिन्न विभागों के संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।

जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि 15 जुलाई को आयोजित होने वाली सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल एवं ब्लैकआउट अभ्यास के दौरान प्रशासन का सहयोग करें, अफवाहों पर ध्यान न दें तथा दिए गए सुरक्षा निर्देशों का पूरी गंभीरता से पालन करें। यह अभ्यास केवल नागरिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन क्षमता के परीक्षण तथा जन-जागरूकता के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

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