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झारखंड

कृषि योजनाओं व “धरती माता बचाओ अभियान” की समीक्षा बैठक आयोजित, खरीफ 2026 की तैयारियों पर जोर।

संतुलित उर्वरक उपयोग, दलहन आत्मनिर्भरता योजना, मिलेट मिशन और KCC अभियान को सफल बनाने के निर्देश।

साहिबगंज। जिला कृषि पदाधिकारी की अध्यक्षता में आत्मा सभागार, साहिबगंज में कृषि विभाग एवं आत्मा द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रही कृषि योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया तथा आगामी खरीफ मौसम 2026 की तैयारियों पर विशेष रूप से चर्चा की गई।

बैठक की शुरुआत “धरती माता बचाओ अभियान” पर विस्तृत चर्चा से हुई। जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल खेती की लागत में कमी आएगी, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता भी बेहतर होगी और उत्पादन में वृद्धि होगी।अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायत, अनुमंडल एवं जिला स्तर पर निगरानी समितियों के गठन के निर्देश भी दिए गए।

आगामी खरीफ मौसम 2026 के लिए “आत्मनिर्भरता इन पल्सेस” योजना के तहत दलहनी फसलों के बीज उत्पादन हेतु किसानों, कृषक समूहों, FPO एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के चयन का निर्देश दिया गया।बीज प्रसंस्करण इकाई स्थापना पर 33% अनुदान (अधिकतम ₹25 लाख)किसानों को आधार बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था, उत्पादित बीज पर प्रोत्साहन राशि का प्रावधान।

बैठक में कई महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई, जिनमें शामिल हैं खरीफ बीज वितरण योजना, बिरसा फसल विस्तार योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), झारखंड कृषि ऋण माफी योजना, मिलेट मिशन, फसल सुरक्षा कार्यक्रम, प्रति बूंद अधिक फसल योजना, डिजिटल क्रॉप सर्वे, किसान समृद्धि योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन

बिरसा फसल विस्तार योजना के अंतर्गत बीज वितरण हेतु संकुल चयन में आदिम जनजाति एवं पहाड़िया समुदाय के किसानों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया।

20 अप्रैल से 20 मई 2026 तक चलने वाले किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) अभियान को सफल बनाने हेतु सभी प्रखंडों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

मिलेट मिशन के तहत किसानों को मोटे अनाज की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।₹3000 प्रति एकड़ प्रोत्साहन, अधिकतम ₹15000 तक लाभ।

मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन योजना के अंतर्गत मिट्टी नमूना संग्रह के लक्ष्य को समय पर पूरा करने तथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए।

जिले में अब तक 64,108 किसानों का ब्लॉकचेन प्रणाली में पंजीकरण किया जा चुका है।सभी प्रखंडों को प्रति माह कम से कम 1000 नए किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य दिया गया।

किसान समृद्धि योजना के तहत चलंत सोलर इकाइयों के वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।अब तक 337 पंप सेटों के लक्ष्य के विरुद्ध 296 पंप सेट स्थापित किए जा चुके हैं।

बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी प्रमोद एक्का, जिला योजना एवं मूल्यांकन पदाधिकारी अरुण कुमार भोगता, उप परियोजना निदेशक (आत्मा) मंटू कुमार सहित सभी प्रखंडों के कृषि पदाधिकारी, तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक, FPO प्रतिनिधि एवं विभागीय कर्मी उपस्थित रहे।

बैठक में स्पष्ट रूप से आगामी खरीफ मौसम को लेकर रणनीतिक तैयारी, किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक तकनीकों के उपयोग तथा पर्यावरण संरक्षण के साथ खेती को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

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