पाकुड़ में एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ, उपायुक्त ने बच्चियों को दिया “सुरक्षा कवच” का संदेश।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव की दिशा में बड़ी पहल, टीकाकरण के साथ प्रमाण पत्र वितरण, स्वास्थ्य सेवाओं का भी किया निरीक्षण।

पाकुड़। राज्य स्तरीय कार्यक्रम के तहत पाकुड़ जिले के पुराने सदर अस्पताल में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार, सिविल सर्जन डॉ. सुरेन्द्र कुमार मिश्रा, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, जिला भीवीडी पदाधिकारी एवं जिला यक्ष्मा पदाधिकारी सहित कई स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बच्चियों को एचपीवी का टीका लगाया गया तथा लाभुकों के बीच टीकाकरण प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. सुरेन्द्र कुमार मिश्रा ने कहा कि एचपीवी वैक्सीनेशन महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए अत्यंत प्रभावी उपाय है। उन्होंने बताया कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और विश्व के कई देशों में इसका सफल उपयोग किया जा रहा है।उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रांतियों पर ध्यान न दें और अपनी बच्चियों का समय पर टीकाकरण अवश्य कराएं।

उपायुक्त मनीष कुमार ने इस अभियान को जिले के लिए ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि सरकार द्वारा यह वैक्सीन निःशुल्क उपलब्ध कराना एक सराहनीय कदम है।उन्होंने कहा, “यह टीका बच्चियों के लिए सुरक्षा कवच के समान है, जो भविष्य में गंभीर बीमारियों से बचाव करता है।”उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की सभी बच्चियों का टीकाकरण सुनिश्चित करें।
कार्यक्रम के दौरान टीबी मरीजों के बीच निक्षय किट का वितरण भी किया गया, जिससे उनके पोषण स्तर और स्वास्थ्य में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

कार्यक्रम के उपरांत उपायुक्त ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने नेत्र जांच केंद्र, एएनसी कक्ष, ओपीडी तथा दवा वितरण काउंटर का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वयं भी नेत्र परीक्षण कराया और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
एचपीवी टीकाकरण अभियान न केवल बच्चियों के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि जागरूकता बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की इस संयुक्त पहल से जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद और मजबूत हुई है।




