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झारखंड

साइबर सेल की तकनीकी निगरानी और RPF की सक्रियता से Samsung मोबाइल बरामद, पीड़िता ने जताया आभार।

बरहरवा साहिबगंज ।रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सतर्कता और साइबर सेल की तकनीकी मदद से एक महिला का चोरी हुआ मोबाइल लगभग 6 महीने बाद बरामद कर उसे सुरक्षित वापस सौंप दिया गया। इस कार्रवाई से न केवल पीड़िता को राहत मिली, बल्कि आम लोगों में सुरक्षा व्यवस्था के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।

दिनांक 25 मार्च 2026 को प्रतिमा कुमारी (उम्र 32 वर्ष), पति– गौरव रानू, निवासी– तिलकामांझी, थाना– तिलकामांझी, जिला– भागलपुर (बिहार) ने RPF पोस्ट बरहरवा में आवेदन देकर बताया कि 27 सितंबर 2025 को वह अपने परिवार के साथ भागलपुर से मथुरा रेलवे स्टेशन की यात्रा कर रही थीं।

यात्रा के दौरान भागलपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के क्रम में उनके लेडीज हैंडबैग से उनका मोबाइल फोन (Samsung A31, मॉडल नं. SM-A315F/DS) किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी कर लिया गया।

घटना के बाद प्रतिमा कुमारी ने Rail Madad पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। साथ ही उनके पति द्वारा GRP पटना में भी लिखित आवेदन दिया गया था।

मामले की जांच के दौरान साइबर सेल हावड़ा द्वारा फोन की तकनीकी निगरानी सर्विलांस की गई। ट्रैकिंग के बाद जिस व्यक्ति के पास मोबाइल था, उसे निर्देशित किया गया कि वह मोबाइल RPF पोस्ट बरहरवा में जमा करे।

मोबाइल रखने वाले व्यक्ति ने बताया कि उसने यह फोन महाराजपुर क्षेत्र से किसी अज्ञात व्यक्ति से लगभग ₹4,200 में खरीदा था।

दिनांक 23 मार्च 2026 को RPF इंस्पेक्टर बरहरवा को सूचना मिली कि गुमशुदा मोबाइल बरामद कर लिया गया है और उसे RPF पोस्ट बरहरवा में सुरक्षित रखा गया है।

इसके बाद 25 मार्च 2026 को प्रतिमा कुमारी अपने पिता राजेश कुमार साह (निवासी– आदमपुर चौक, भागलपुर) के साथ RPF पोस्ट बरहरवा पहुंचीं और मोबाइल प्राप्ति हेतु आवेदन दिया।

आवश्यक सत्यापन के उपरांत IPF बरहरवा द्वारा उक्त मोबाइल फोन उन्हें विधिवत सौंप दिया गया। प्रतिमा कुमारी ने मोबाइल की पहचान कर उसे प्राप्त किया।

मोबाइल प्राप्त करने के बाद प्रतिमा कुमारी ने RPF पोस्ट बरहरवा एवं पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया और उनकी तत्परता एवं सहयोग की सराहना की।

यह मामला दर्शाता है कि यदि समय पर शिकायत दर्ज कराई जाए और तकनीकी जांच का सही उपयोग किया जाए, तो चोरी हुए सामान को भी बरामद किया जा सकता है। RPF और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई आम नागरिकों के लिए एक सकारात्मक उदाहरण है।

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