तेतरिया पहाड़ में जल महोत्सव का भव्य आयोजन, जल संरक्षण के प्रति ग्रामीणों को किया गया जागरूक।
जल वंदना, जल श्रृंगार और जल संचय कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों ने लिया जल बचाने का संकल्प।

साहिबगंज। जिला पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, साहिबगंज के सौजन्य से जल महोत्सव के अंतर्गत तेतरिया पहाड़ क्षेत्र में जल संरक्षण, जल संचय, जल श्रृंगार एवं जल वंदना जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन में स्थानीय ग्रामीणों, महिलाओं, बच्चों एवं जलसहिया दीदियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के सफल संचालन में सहयोगी संस्था सोनू इंटरप्राइजेज का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत “जल वंदना” के साथ हुई, जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने जल के महत्व को समझते हुए इसके संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। इस अवसर पर “जल ही जीवन है” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।
इसके पश्चात “जल श्रृंगार” कार्यक्रम के अंतर्गत क्षेत्र के विभिन्न जल स्रोतों—जैसे कुएं, चापाकल एवं अन्य जल स्त्रोतों—की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई एवं सजावट की गई। इस पहल का उद्देश्य जल स्रोतों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं उपयोगी बनाए रखना था।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को जल संरक्षण एवं वर्षा जल संचयन के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्हें सोख्ता गड्ढा निर्माण, रूफ वाटर हार्वेस्टिंग, जल स्रोतों की नियमित सफाई एवं जल की बर्बादी रोकने के प्रभावी उपायों के बारे में जागरूक किया गया।
जलसहिया दीदियों ने घर-घर जाकर लोगों को जल बचाने, नल को खुला न छोड़ने तथा जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। वहीं बच्चों द्वारा लगाए गए जागरूकता नारों से पूरा वातावरण जल संरक्षण के संदेश से गुंजायमान हो उठा।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि जल संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। यदि आज जल का संरक्षण किया जाएगा, तभी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ जल उपलब्ध हो सकेगा।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से जल संरक्षण की शपथ ली। इस अवसर पर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, जिला एवं प्रखंड समन्वयक, जलसहिया दीदी, जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस सफल आयोजन के माध्यम से तेतरिया पहाड़ क्षेत्र में जल संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागरूकता उत्पन्न हुई, जो आने वाले समय में जल संकट से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।




