राजमहल मॉडल कॉलेज में उद्यमिता जागरूकता कार्यशाला का भव्य आयोजन, छात्रों को आत्मनिर्भर बनने का मिला संदेश।
MSME धनबाद के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में स्टार्टअप, स्वरोजगार और पर्यावरण संरक्षण पर दिया गया विशेष जोर।

राजमहल साहिबगंज। राजमहल मॉडल कॉलेज में सोमवार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME), धनबाद के सौजन्य से एक दिवसीय उद्यमिता जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य सह केंद्राधीक्षक डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने की। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक स्वागत के साथ हुई, जहाँ प्राचार्य द्वारा अतिथियों को पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अभिनव पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश दिया गया। इसके साथ ही अतिथियों एवं विद्यार्थियों द्वारा कॉलेज परिसर में पौधारोपण कर “हरित परिसर, स्वच्छ परिसर” की अवधारणा को भी साकार किया गया।

कार्यशाला के मुख्य वक्ता, MSME ब्रांच कार्यालय धनबाद के सहायक निदेशक दीपक कुमार ने सूक्ष्म, लघु एवं कुटीर उद्योगों की संरचना, महत्व और वर्तमान आर्थिक परिदृश्य में उनकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे स्टार्टअप इंडिया और मुद्रा योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता तथा उद्यम स्थापना की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।
इसके उपरांत विशेषज्ञ वक्ता चंद्रशेखर शर्मा ने नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति पर अपने विचार साझा करते हुए विद्यार्थियों को नए विचारों को व्यवहार में उतारने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प से कोई भी छात्र सफल उद्यमी बन सकता है।
प्रेरक वक्ता मुकेश ने अपने संबोधन में युवाओं को केवल नौकरी की तलाश तक सीमित न रहकर रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने आत्मविश्वास, कौशल विकास और जोखिम उठाने की क्षमता को सफलता की मुख्य कुंजी बताया।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में उद्यमिता एक सशक्त विकल्प के रूप में उभरकर सामने आई है। यह न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाती है, बल्कि समाज में नए रोजगार के अवसर भी सृजित करती है। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने कौशल का उपयोग कर सफल उद्यमी बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. रमजान अली ने कुशलतापूर्वक किया। इस अवसर पर डॉ. अमित कुमार, डॉ. शैलेश मिश्रा, राजीव यादव सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में भाग लिया और अपने प्रश्नों के माध्यम से उद्यमिता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह कार्यशाला न केवल विद्यार्थियों को उद्यमिता के प्रति प्रेरित करने में सफल रही, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति भी एक सकारात्मक संदेश देने में महत्वपूर्ण साबित हुई।



