बरहरवा में जल जीवन मिशन पर घोटाले के आरोप, विधायक निसात आलम ने विधानसभा में उठाया मुद्दा।
अधूरी योजनाओं और अनियमितताओं को लेकर उच्चस्तरीय जांच की मांग, मंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत।

बरहरवा साहिबगंज। बरहरवा प्रखंड क्षेत्र में संचालित जल जीवन मिशन की योजनाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र की विधायक निसात आलम ने झारखंड विधानसभा में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाते हुए योजनाओं में भारी अनियमितता और कार्यों के अधूरे रहने का आरोप लगाया है।
विधायक ने कहा कि क्षेत्र में लोगों को आज भी शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए बताया कि कागजों में जो प्रगति दिखाई जा रही है, वह जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाती।
विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, बरहरवा प्रखंड में जल जीवन मिशन के तहत कुल 12 क्लस्टर में 918 योजनाएं संचालित हैं। इनमें से 558 योजनाओं को पूर्ण बताया गया है, जबकि 336 योजनाएं अभी भी अधूरी हैं। हालांकि विधायक का आरोप है कि वास्तविकता इससे कहीं अधिक गंभीर है और अधिकांश योजनाएं अभी भी अधूरी पड़ी हुई हैं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विधायक निसात आलम ने विभागीय मंत्री योगेंद्र प्रसाद से मुलाकात कर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में एक विशेष जांच टीम गठित की जाए, जिसमें वे स्वयं भी शामिल रहें, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और सच्चाई सामने आ सके।
विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि विभागीय कर्मियों की लापरवाही और संवेदकों की मनमानी के कारण योजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पा रही हैं। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें आज भी शुद्ध पेयजल के लिए जूझना पड़ रहा है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने विधायक को आश्वस्त किया कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले संवेदकों एवं विभागीय कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।अब नजर इस बात पर टिकी है कि प्रस्तावित जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्षेत्रवासियों को कब तक शुद्ध पेयजल की सुविधा सुचारू रूप से मिल पाती है।


