पाकुड़ में मलेरिया व कालाजार नियंत्रण को लेकर जिला समन्वय समिति की बैठक, HPV टीकाकरण पर भी हुई चर्चा।

पाकुड़। जिले में मलेरिया और कालाजार जैसे वेक्टर जनित रोगों के प्रभावी नियंत्रण और उन्मूलन को लेकर सोमवार को सिविल सर्जन कार्यालय, पाकुड़ में जिला समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित इंटेंसिफाइड मलेरिया एलिमिनेशन प्रोजेक्ट–3 (IMEP-3) के तहत आयोजित की गई, जिसमें चाइल्ड इन नीड इंस्टिट्यूट (CINI) का सहयोग रहा। बैठक की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. एस. के. मिश्रा ने की।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. एस. के. मिश्रा ने जिले में मलेरिया की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि मलेरिया एवं कालाजार के उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय, निरंतर निगरानी और सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को क्षेत्र स्तर पर जागरूकता, जांच एवं उपचार व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार तथा CINI के जिला प्रतिनिधि अमित अग्रवाल ने इंटेंसिफाइड मलेरिया एलिमिनेशन प्रोजेक्ट–3 के तहत जिले में संचालित विभिन्न गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मलेरिया की रोकथाम के लिए जांच, उपचार, सर्वेक्षण, जागरूकता अभियान तथा तकनीकी सहयोग के माध्यम से कार्य किया जा रहा है।
इस अवसर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ. हसीब ने मलेरिया के परजीवी विज्ञान तथा इसके प्रमुख क्लिनिकल लक्षणों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि समय पर मलेरिया की जांच और उपचार किया जाए तो इस बीमारी को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है। इसलिए शुरुआती स्तर पर पहचान और इलाज बेहद जरूरी है।

बैठक के अंत में डीआरसीएचओ डॉ. एस. के. झा तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) से होने वाले सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए प्रस्तावित टीकाकरण कार्यक्रम पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को HPV वैक्सीन लगाई जाएगी, जिससे भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकेगा और जिले की बड़ी संख्या में किशोरियों को इसका लाभ मिलेगा।
बैठक में सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए मलेरिया, कालाजार तथा अन्य वेक्टर जनित रोगों के प्रभावी नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।इस अवसर पर जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, एमओईसी अमड़ापाड़ा एवं लिट्टीपाड़ा, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. के. के. सिंह सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।




