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झारखंड

चाइल्ड हेल्पलाइन कर्मियों को 7 माह से वेतन नहीं, राजमहल विधायक एमटी राजा ने झारखंड विधानसभा में उठाया मुद्दा।

बच्चों का भविष्य बचाने वाले कर्मियों का अपना परिवार आर्थिक संकट में” — बकाया वेतन के शीघ्र भुगतान और समय पर वेतन व्यवस्था की मांग।

राजमहल सहिबगंज ।राजमहल  विधानसभा विधायक मो. ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा ने झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के शून्यकाल में चाइल्ड हेल्पलाइन कर्मियों को लंबे समय से वेतन नहीं मिलने का गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने सदन के माध्यम से संबंधित विभाग का ध्यान इस ओर आकृष्ट करते हुए कहा कि जो कर्मी बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं, आज वही कर्मी और उनके परिवार आर्थिक तंगी के कारण गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं।

विधायक ने बताया कि चाइल्डलाइन इंडिया फाउंडेशन के अंतर्गत झारखंड में 500 से अधिक चाइल्ड हेल्पलाइन कर्मी कार्यरत हैं। इनमें रेलवे चाइल्ड लाइन और जिला स्तरीय चाइल्ड हेल्पलाइन के कर्मचारी शामिल हैं, जो 24 घंटे बच्चों की सुरक्षा और सहायता के लिए तत्पर रहते हैं।

उन्होंने कहा कि इन कर्मियों की मुख्य जिम्मेदारी संकटग्रस्त बच्चों का रेस्क्यू करना, उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना तथा बाल अधिकारों से जुड़े मामलों में तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है। इसके साथ-साथ चाइल्ड हेल्पलाइन टीम विभिन्न जिलों और रेलवे क्षेत्रों में बाल संरक्षण से संबंधित विषयों पर व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाती है।विधायक के अनुसार चाइल्ड हेल्पलाइन कर्मी समाज में बाल विवाह, बाल श्रम, स्ट्रीट चिल्ड्रन और बच्चों के अधिकारों जैसे संवेदनशील मुद्दों पर लगातार जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहे हैं। साथ ही वे पॉक्सो से जुड़े मामलों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

एमटी राजा ने यह भी बताया कि झारखंड में बालाजी सिक्योरिटी सर्विस के माध्यम से 500 से अधिक चाइल्ड हेल्पलाइन कर्मी अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन विडंबना यह है कि इन कर्मियों को पिछले सात महीनों से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। इससे उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।उन्होंने सदन में कहा कि जो कर्मी दूसरों के बच्चों की सुरक्षा और भविष्य को बचाने में लगे हैं, आज उनका अपना भविष्य ही संकट में पड़ गया है। ऐसी स्थिति में उनके परिवार का भरण-पोषण कैसे होगा, यह एक बड़ा सवाल बन गया है।

विधायक ने राज्य सरकार से मांग की कि चाइल्ड हेल्पलाइन कर्मियों के बकाया वेतन का जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जाए और भविष्य में समय पर वेतन देने के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाए।उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इतने महत्वपूर्ण कार्य में लगे कर्मियों को आर्थिक असुरक्षा में रखना उचित नहीं है। सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान निकालना चाहिए, ताकि चाइल्ड हेल्पलाइन की सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रह सकें और कर्मियों का मनोबल भी बना रहे।

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