पाकुड़ जिले में आयुष जांच शिविर आयोजित, 211 लोगों का हुआ निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की पहल, कई प्रखंडों के गांवों में शिविर लगाकर दवाइयां भी मुफ्त वितरित।

पाकुड़।ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुलभ और निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयुष विभाग, पाकुड़ द्वारा जिले के विभिन्न प्रखंडों में आयुष जांच शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में कुल 211 लाभुकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा जरूरतमंद मरीजों को उनकी बीमारी के अनुसार आवश्यक दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह स्वास्थ्य शिविर पाकुड़ प्रखंड के कोलाजोड़ा और कुड़ापाड़ा, लिट्टीपाड़ा प्रखंड के तेसरो और बड़ाघघरी, हिरणपुर प्रखंड के देवापाड़ा तथा महेशपुर प्रखंड के आमलागाछी गांवों में आयोजित किए गए। इन शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपने स्वास्थ्य की जांच कराई और आयुष पद्धति से उपचार संबंधी जानकारी प्राप्त की।

शिविर में उपस्थित चिकित्सकों डॉ. राजेश कुमार, डॉ. सौरभ विश्वास, डॉ. अशोक मेहता, डॉ. अफरोज आलम, डॉ. लवकुश यादव तथा डॉ. कुलेश कुमार ने बताया कि शिविर के दौरान लोगों की विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांच की गई। इसमें मुख्य रूप से रक्तचाप, मधुमेह (डायबिटीज), जोड़ एवं गठिया से संबंधित रोगों के साथ-साथ बच्चों में होने वाली सामान्य बीमारियों की जांच शामिल रही। जांच के बाद मरीजों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आयुष पद्धति की दवाइयां भी निःशुल्क दी गईं।
चिकित्सकों ने बताया कि आयुष विभाग का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाना तथा लोगों को आयुर्वेदिक और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूक करना है। इस दौरान ग्रामीणों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, संतुलित और पौष्टिक आहार लेने, नियमित व्यायाम करने तथा समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह भी दी गई।

शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविरों से दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों को काफी लाभ मिलता है। कई लोगों ने पहली बार अपने स्वास्थ्य की जांच कराई और निःशुल्क दवाइयां प्राप्त कीं, जिससे उन्हें राहत मिली।
आयुष विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आगे भी जिले के अन्य क्षेत्रों में इसी प्रकार के स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें और आयुष पद्धति के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाई जा सके।




