पाकुड़ में ‘पीएम किसान उत्सव दिवस’ का भव्य आयोजन, किसानों को मिली सम्मान निधि की 22वीं किस्त।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का हुआ लाइव प्रसारण, कृषि विभाग ने किसानों को दी आधुनिक खेती और सरकारी योजनाओं की जानकारी।

पाकुड़। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त के हस्तांतरण के अवसर पर पाकुड़ में “पीएम किसान उत्सव दिवस” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पाकुड़ स्थित आत्मा सभागार में किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए बड़ी संख्या में किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं, आधुनिक कृषि तकनीकों तथा किसानों की आय बढ़ाने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को बताया कि वर्तमान समय में खेती को लाभकारी बनाने के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों, आधुनिक कृषि उपकरणों और नई तकनीकों का उपयोग अत्यंत आवश्यक है।
जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी खेती को उन्नत बनाएं।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन लाइव टेलीकास्ट के माध्यम से दिखाया गया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के किसानों की समृद्धि ही भारत की प्रगति का आधार है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों तथा नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने किसानों से नई तकनीकों को अपनाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने भी सरकार की योजनाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की और अपनी सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की। किसानों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से उन्हें नई जानकारी मिलती है, जिससे वे अपने खेती के तरीकों में सुधार कर सकते हैं।
इस अवसर पर विपणन सचिव संजय कच्छप, उप परियोजना निदेशक (आत्मा) चंद्रमौली, सहायक तकनीकी प्रबंधक सहित कृषि विभाग के कई अधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना, आधुनिक खेती के प्रति जागरूक करना तथा कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना था। आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी किसानों के हित में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि किसान नई तकनीकों से जुड़कर अपनी आय और उत्पादन दोनों में वृद्धि कर सकें।




