राजमहल-साहिबगंज में करोड़ों की सीवर परियोजना बनी मुसीबत, विधानसभा में विधायक मो. ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा ने उठाया मामला।
सीवर लाइन जाम रहने से सड़कों और बस्तियों में फैल रहा गंदा पानी, दुर्गंध और बीमारियों का खतरा बढ़ा — उच्च स्तरीय जांच व स्थायी समाधान की मांग।

राजमहल साहिबगंज। राजमहल विधानसभा क्षेत्र के विधायक मो. ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा ने झारखंड विधानसभा के सदन में राजमहल और साहिबगंज के शहरी क्षेत्रों में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित सीवर परियोजना की बदहाल स्थिति का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने कहा कि भारी भरकम राशि खर्च होने के बावजूद सीवर व्यवस्था सुचारू रूप से कार्य नहीं कर रही है, जिसके कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक ने सदन को अवगत कराया कि कई स्थानों पर सीवर लाइन लगातार जाम रहने, नियमित रख-रखाव की कमी तथा तकनीकी खामियों के कारण गंदा पानी सड़कों और आसपास की बस्तियों में फैल रहा है। इससे पूरे इलाके में दुर्गंध का माहौल बना हुआ है और लोगों के बीच विभिन्न प्रकार की बीमारियों के फैलने का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है, क्योंकि जिस परियोजना का उद्देश्य शहर को स्वच्छ, व्यवस्थित और आधुनिक बनाना था, वही आज स्थानीय निवासियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। राजमहल और साहिबगंज के कई इलाकों में लोगों को रोजाना गंदे पानी, बदबू और गंदगी के बीच जीवन-यापन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
विधायक एमटी राजा ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सीवर परियोजना के निर्माण और संचालन में किन स्तरों पर लापरवाही हुई है। उन्होंने दोषी अधिकारियों तथा संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग की।
उन्होंने यह भी कहा कि जनहित को ध्यान में रखते हुए सीवर सिस्टम की तकनीकी जांच कर उसे जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए, ताकि राजमहल और साहिबगंज के लोगों को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके और शहर की स्वच्छता व्यवस्था फिर से बहाल हो सके।
इधर, सीवर व्यवस्था की खराब स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में भी आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि जब इस परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, तो इसका लाभ जनता तक सही तरीके से पहुंचना चाहिए। यदि व्यवस्था काम नहीं कर रही है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
विधायक ने स्पष्ट कहा कि केवल अस्थायी मरम्मत से समस्या का समाधान संभव नहीं है, बल्कि पूरे सीवर सिस्टम की तकनीकी जांच कराकर स्थायी और दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो और शहर के लोगों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिल सके।



