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झारखंड

राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 के लिए नामित झिकरहटी पूर्वी पंचायत का केंद्रीय दल ने किया भ्रमण, संवाद सह परिसंपत्ति वितरण कार्यक्रम आयोजित।

केंद्रीय टीम ने योजनाओं के क्रियान्वयन, पंचायत सचिवालय की व्यवस्थाओं और महिला सहभागिता की सराहना की; लाभुकों के बीच आवास स्वीकृति पत्र, जॉब कार्ड, साइकिल व करोड़ों की सहायता राशि का वितरण।

पाकुड़।राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 के लिए नामित सदर प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत झिकरहटी पूर्वी में ग्राम पंचायत सचिवालय परिसर में केंद्रीय दल के भ्रमण, संवाद सह परिसंपत्ति वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पंचायत क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों तथा पंचायत स्तर पर सृजित परिसंपत्तियों का अवलोकन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त मनीष कुमार तथा केंद्रीय दल में शामिल पंचायत राज मंत्रालय, भारत सरकार के सेक्शन ऑफिसर मनिकंदन के. पी. एवं सलाहकार (एसओईपीआर) संपा बसु द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय टीम ने पंचायत में संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के साथ संवाद कर योजनाओं के प्रभाव तथा लाभार्थियों को मिल रहे लाभ के बारे में जानकारी ली।

पंचायत सचिवालय की व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण, की सराहना

केंद्रीय टीम ने सबसे पहले पंचायत सचिवालय परिसर में लगाए गए सूचना पट्ट का अवलोकन किया, जिसमें पंचायत से जुड़े पदाधिकारियों, कर्मियों एवं जनप्रतिनिधियों के नाम और मोबाइल नंबर अंकित थे। इसके बाद टीम को “प्रोजेक्ट प्राण”, “प्रोजेक्ट बदलाव”, ग्राम पंचायत झिकरहटी पूर्वी की प्रोफाइल तथा इको-फ्रेंडली गतिविधियों से संबंधित वीडियो प्रस्तुतीकरण दिखाया गया, जिसकी टीम ने सराहना की।

इसके उपरांत केंद्रीय टीम ने पंचायत सचिवालय की विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान हैंडवाश व्यवस्था, भष्मीकरण यंत्र, पंचायत का नक्शा, स्तनपान कक्ष, हेल्प डेस्क, मईया कक्ष, ज्ञान केंद्र, मुखिया कक्ष, जन औषधि केंद्र, वाटर फिल्टर, शौचालय, पंचायत सचिव एवं पंचायत सहायक कक्ष, ऊर्जा कक्ष, रोजगार सेवक कक्ष तथा प्रज्ञा केंद्र सहित अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन किया गया।

केंद्रीय दल ने पंचायत सचिवालय में उपलब्ध सुविधाओं, सुव्यवस्थित व्यवस्था और जनहित में किए जा रहे नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि पंचायत स्तर पर इस प्रकार की व्यवस्थाएं ग्रामीणों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। टीम ने पंचायत के विकासात्मक कार्यों को अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणादायक बताया।

रक्तदान शिविर में दीदियों ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी

पंचायत परिसर में आयोजित रक्तदान शिविर का भी केंद्रीय टीम एवं उपायुक्त ने जायजा लिया। इस दौरान जेएसएलपीएस की दीदियों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। केंद्रीय टीम और उपायुक्त ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें प्रमाण पत्र एवं कॉफी मग प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित किया।

 

प्रोजेक्ट बदलाव और जागृति से शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा

उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि जिले में “प्रोजेक्ट बदलाव” और “प्रोजेक्ट जागृति” के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हर महीने की 10 तारीख को संवाद कार्यक्रम के माध्यम से लगभग एक लाख दीदियों से जुड़कर विभिन्न योजनाओं और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की जाती है।

उन्होंने कहा कि किशोरियों और महिलाओं से जुड़े कई ऐसे विषय होते हैं, जिन पर खुलकर चर्चा करने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से विद्यालयों में परामर्श व्यवस्था और सहपाठी (पीयर) प्रणाली शुरू की गई है, ताकि बच्चे मानसिक तनाव, शारीरिक बदलाव और अन्य समस्याओं पर खुलकर संवाद कर सकें।

उपायुक्त ने बाल विवाह को गंभीर सामाजिक समस्या बताते हुए कहा कि इससे तीन पीढ़ियां प्रभावित होती हैं। उन्होंने अपील की कि बच्चियों की शादी कम उम्र में न कर उन्हें कम से कम 20–22 वर्ष तक शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

केंद्रीय टीम ने पंचायत के कार्यों की सराहना की

पंचायत राज मंत्रालय, भारत सरकार के सेक्शन ऑफिसर मनिकंदन के. पी. ने अपने संबोधन में पंचायत द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी प्रशंसनीय है। उन्होंने पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय के साथ निरंतर कार्य करने का आह्वान किया।

वहीं सलाहकार (एसओईपीआर) संपा बसु ने कहा कि पंचायत स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित पदाधिकारियों से समन्वय के साथ कार्य करते हुए ग्रामीण विकास को गति देने की अपील की।

स्वास्थ्य सेवाओं की दी जानकारी

सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जांच, दवाएं और अन्य आवश्यक सेवाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं तथा आने-जाने के लिए 500 रुपये तक की सहायता भी दी जाती है।

उन्होंने बताया कि सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच की जाती है तथा प्रत्येक माह परिवार कल्याण दिवस आयोजित कर स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की जानकारी दी जाती है। इसके अलावा प्रत्येक माह के पहले शुक्रवार को “उमंग दिवस” मनाया जाता है, जिसमें किशोर-किशोरियों को स्वास्थ्य, जीवन कौशल और मानसिक विकास से जुड़ी जानकारी दी जाती है।

महिलाओं की भागीदारी पंचायत की सबसे बड़ी ताकत

पंचायत सचिव ने कहा कि ग्राम पंचायत झिकरहटी पूर्वी में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी पंचायत के विकास की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने बताया कि ग्राम सभा में महिलाओं की मांग पर पंचायत भवन सहित प्रमुख चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी पंचायत स्तर से की जाती है। साथ ही महिलाओं की सुविधा के लिए टोल-फ्री नंबर भी प्रदर्शित किया गया है, ताकि वे अपनी समस्याएं सीधे साझा कर सकें।

 

लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण

कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त, सेक्शन ऑफिसर, सलाहकार एसओईपीआर तथा पंचायत की मुखिया द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास स्वीकृति पत्र, साइकिल, मनरेगा के जॉब कार्ड सहित अन्य सामग्रियां वितरित की गईं।

इसके साथ ही आजीविका सखी मंडलों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 68 सखी मंडलों के बीच 68 लाख रुपये तथा 52 सखी मंडलों के बीच 78 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई। इसके अलावा सावित्रीबाई फुले समृद्धि योजना के तहत परिसंपत्तियों का वितरण, किशोरी बालिकाओं को स्वच्छता किट, लाभुकों को धोती-साड़ी, मच्छरदानी, बेबी किट सहित विभिन्न योजनाओं से संबंधित सामग्रियां वितरित की गईं।

विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण

कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त, सेक्शन ऑफिसर और सलाहकार एसओईपीआर ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी निरीक्षण किया। इस क्रम में शिक्षा विभाग, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य विभाग, जूट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, जेएसएलपीएस, जल स्वच्छता समिति तथा समाज कल्याण विभाग के स्टॉलों का अवलोकन कर संबंधित अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विभागीय योजनाओं की जानकारी आमजनों तक सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।

इस अवसर पर सिविल सर्जन, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, विशेष कार्य पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी पाकुड़, अंचलाधिकारी पाकुड़, कार्यपालक दंडाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, पंचायत की मुखिया, पंचायत सचिव समेत अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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