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झारखंड

कृषि उद्यमी प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ, उपायुक्त ने दीप प्रज्वलित कर किया उद्घाटन; महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर दिया जोर।

एसबीआई आरसेटी, पाकुड़ की पहल से ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर, कृषि आधारित उद्यमिता की दी जाएगी विशेष प्रशिक्षण।

पाकुड़।महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को सदर प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत झिकरहटी पूर्वी स्थित पंचायत भवन में भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), पाकुड़ द्वारा कृषि उद्यमी प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त मनीष कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

उद्घाटन समारोह में पंचायत राज मंत्रालय, भारत सरकार के सेक्शन ऑफिसर एवं सलाहकार (एसओईपीआर), आरसेटी के निदेशक राजेश कुमार मिश्रा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक जेएसएलपीएस प्रवीण मिश्रा तथा आरसेटी के वरिष्ठ संकाय सह कार्यक्रम समन्वयक अमित कुमार बर्धन सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि कौशल आधारित प्रशिक्षण युवाओं और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम है। यदि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और तकनीकों का सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो यह न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बल्कि पूरे ग्रामीण समाज की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में भी सहायक सिद्ध होगा।

उपायुक्त ने प्रशिक्षुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और कौशल को व्यवहारिक जीवन में अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षु अपने अनुभव और सीख को समाज के अन्य लोगों के साथ भी साझा करें, ताकि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। उन्होंने यह भी कहा कि जीवन में छोटे-छोटे प्रयास ही बड़े बदलाव और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। यदि प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकों को मेहनत और समर्पण के साथ अपनाया जाए, तो इससे स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं ने भी प्रशिक्षण को लेकर अपनी उत्सुकता व्यक्त की और भविष्य में स्वयं का स्वरोजगार स्थापित करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें कृषि आधारित व्यवसाय की नई तकनीकों और संभावनाओं के बारे में सीखने का अवसर मिलेगा।

इस मौके पर आरसेटी, पाकुड़ के वरिष्ठ संकाय सह कार्यक्रम समन्वयक अमित कुमार बर्धन ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा, उद्देश्य तथा इससे मिलने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को कृषि उद्यमिता से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी, जिससे वे भविष्य में स्वयं का रोजगार स्थापित कर सकें।कार्यक्रम में आरसेटी और जेएसएलपीएस से जुड़े अधिकारी, प्रशिक्षु तथा स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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