पाकुड़ में सखी मार्ट का उद्घाटन, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को मिली नई दिशा।
उपायुक्त मनीष कुमार व केंद्रीय टीम ने किया उद्घाटन, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की पहल।

पाकुड़। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत पाकुड़ जिले के सदर प्रखंड में संचालित सखी मार्ट का विधिवत उद्घाटन किया गया। सदर प्रखंड के अंतर्गत लाभुक अहिदा परभीन द्वारा संचालित इस सखी मार्ट का उद्घाटन उपायुक्त मनीष कुमार तथा पंचायत राज मंत्रालय, भारत सरकार के सेक्शन ऑफिसर एवं एसओईपीआर की केंद्रीय टीम द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
उद्घाटन के पश्चात उपायुक्त एवं केंद्रीय टीम ने सखी मार्ट का अवलोकन किया और वहां उपलब्ध उत्पादों, मार्ट के संचालन तथा व्यवसाय से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली। इस दौरान लाभुक अहिदा परभीन ने बताया कि सखी मार्ट के माध्यम से स्थानीय लोगों को दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं एक ही स्थान पर सहज रूप से उपलब्ध हो रही हैं। साथ ही यह मार्ट क्षेत्र की महिलाओं के लिए स्वरोजगार का एक सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्राप्त हो रहा है।

इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि सखी मार्ट जैसी पहलें महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने परिश्रम, लगन और सामूहिक प्रयास के बल पर न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना रही हैं, बल्कि समाज के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
उपायुक्त ने लाभुक को व्यवसाय को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यदि महिलाएं इसी प्रकार आत्मविश्वास और मेहनत के साथ आगे बढ़ती रहेंगी, तो आने वाले समय में सखी मार्ट जैसे मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने क्षेत्र की अन्य महिलाओं से भी आह्वान किया कि वे स्वयं सहायता समूहों तथा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से जुड़कर स्वरोजगार के अवसरों का लाभ उठाएं और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ें।

इस दौरान उपस्थित अधिकारियों ने भी सखी मार्ट की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास न केवल महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करते हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती देते हैं। सखी मार्ट जैसी पहलें ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।




