नगर परिषद क्षेत्र में आरओ प्लांटों का औचक निरीक्षण, पानी की गुणवत्ता और मानकों की हुई सघन जांच।
प्रशासन की सख्ती—मानकों में गड़बड़ी मिलने पर होगी कड़ी कार्रवाई, अधिकारियों ने प्लांट संचालकों को दिए सख्त निर्देश।

पाकुड़। नगर परिषद क्षेत्र में लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर परिषद प्रशासन द्वारा विभिन्न आरओ वाटर प्लांटों का औचक निरीक्षण किया गया। इस संयुक्त निरीक्षण अभियान का नेतृत्व कार्यपालक पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार चौधरी, अंचलाधिकारी अरविन्द कुमार बेदिया तथा पीएचईडी के सहायक अभियंता अभिजीत किशोर ने किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की टीम ने शहर के विभिन्न आरओ प्लांटों का दौरा कर वहां की संचालन व्यवस्था और पानी की गुणवत्ता की विस्तृत जांच की। इस क्रम में शीतल जल (शीलता मंदिर रोड), मारवाड़ी मोहल्ला स्थित आरओ प्लांट, निर्मल जल मिशन गेट, पप्पू भगत आइसक्रीम एंड आरओ प्लांट तथा ब्लू एक्वा प्लांट सहित अन्य कई आरओ प्लांटों का बारीकी से निरीक्षण किया गया।

अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान पानी की गुणवत्ता, टीडीएस (TDS) वैल्यू, पीएच (pH) वैल्यू, प्लांट परिसर की साफ-सफाई, आवश्यक रजिस्ट्रेशन, मशीनों की स्थिति तथा अन्य तकनीकी मानकों की जांच की। साथ ही यह भी देखा गया कि उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराया जा रहा पानी निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है या नहीं।
कार्यपालक पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार चौधरी ने निरीक्षण के दौरान सभी आरओ प्लांट संचालकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि व्यावसायिक रूप से पानी की आपूर्ति करने वाले सभी संचालकों को सरकार द्वारा निर्धारित मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना संचालकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी संचालक समय-समय पर पानी की गुणवत्ता की लैब में जांच कराएं तथा प्लांट परिसर में साफ-सफाई और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। इससे उपभोक्ताओं को सुरक्षित और स्वास्थ्यकर पानी उपलब्ध हो सकेगा।
अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी आरओ प्लांट में पानी की गुणवत्ता में कमी या निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित संचालक के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस निरीक्षण अभियान में नगर परिषद के रेवेन्यू इंस्पेक्टर, सैनेटरी इंस्पेक्टर, पीएचईडी के लैब टेक्नीशियन सहित नगर परिषद के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे। प्रशासन की इस कार्रवाई से आरओ प्लांट संचालकों में हड़कंप देखा गया, वहीं आम लोगों ने भी इस पहल को सराहनीय बताया।




